Bhagalpur News: जिले के नवगछिया अनुमंडल में कोसी और गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का संकट गहरा दिया है। रंगरा चौक और खरीक प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। कहीं सड़कें डूब गई हैं तो कहीं घरों में पानी प्रवेश कर गया है। खरीक प्रखंड के राघोपुर-शंकरपुर स्थित काजीकोरैया मुख्य जमींदारी बांध का बड़ा हिस्सा टूटने से राघोपुर गांव की करीब पांच हजार से अधिक आबादी और एक हजार से अधिक घर प्रभावित हुए हैं।
रंगरा में घरों तक पहुंचा कोसी का पानी
रंगरा चौक प्रखंड की सधुआ चापर, मदरौनी और सहोड़ा सहित कई पंचायतों में कोसी नदी का पानी तेजी से फैल रहा है। सधुआ गांव की मुख्य सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई है। सड़क पर तेज बहाव के कारण आवागमन ठप है और ग्रामीणों का प्रखंड मुख्यालय तथा जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है।
खेत और फसलें डूबने के बाद अब बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में पहुंच गया है। घर-आंगन में पानी भरने से ग्रामीण परिवार मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। कई परिवार कटरिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म और त्रिमुहानी तटबंध पर तिरपाल लगाकर शरण ले रहे हैं।
बाढ़ पीड़ितों के सामने भोजन और पशुचारे का संकट भी गहराने लगा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव, राहत सामग्री और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था तत्काल शुरू करने की मांग की है।
काजीकोरैया बांध टूटने से राघोपुर में तबाही
खरीक प्रखंड के राघोपुर-शंकरपुर स्थित काजीकोरैया मुख्य जमींदारी बांध का बड़ा हिस्सा टूटने के बाद राघोपुर गांव में बाढ़ का पानी तेजी से प्रवेश कर गया। रात के अंधेरे में बांध टूटने की सूचना फैलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों को वर्ष 2008 की भीषण बाढ़ की याद सताने लगी।
राघोपुर गांव के अलावा लोकमानपुर, उस्मानपुर, शंकरपुर और तुलसीपुर सहित आसपास के कई गांवों पर भी जलमग्न होने का खतरा मंडरा रहा है। सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो चुकी हैं।
प्रशासन और तकनीकी टीम मौके पर
बांध टूटने की सूचना मिलते ही भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, नवगछिया एसडीओ, आपदा प्रबंधन विभाग के अपर समाहर्ता और पुलिस प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने मौके पर कैंप कर राहत और बचाव कार्य की निगरानी शुरू कर दी है।
प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
टूटे बांध के दोनों सिरों को सुरक्षित करने और पानी के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए रिंग बांध बनाने का काम शुरू किया गया है। जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख वरुण कुमार की निगरानी में करीब 250 लाख सैंडबैग और जियोबैग, 20 नावें, 16 ट्रैक्टर तथा तीन जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।
पटना से भी विशेष तकनीकी टीम को निगरानी के लिए बुलाया गया है। गंगा के जलस्तर के दबाव को कम करने के लिए जल संसाधन विभाग ने फरक्का बराज के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर पानी छोड़ने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा कर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने तथा प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।



