Bihar News: बिहार के सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए नेपाल सीमा के सोनबरसा तक 82.578 किलोमीटर लंबे मार्ग को चार लेन में विकसित करने की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर 3,590.73 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद उत्तर बिहार में सड़क संपर्क को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सोनबरसा के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक तेज, सुगम और सुरक्षित होगा। नेपाल सीमा तक पहुंचने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग के चौड़ीकरण से व्यापारिक गतिविधियों और माल परिवहन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा तक मजबूत होगी कनेक्टिविटी
प्रस्तावित फोरलेन सड़क मुजफ्फरपुर से शुरू होकर सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक जाएगी। सोनबरसा नेपाल सीमा के समीप स्थित महत्वपूर्ण क्षेत्र है। परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर यातायात का दबाव कम होने और यात्रा का समय घटने की उम्मीद है।
मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी जैसे प्रमुख शहरों के बीच बेहतर सड़क संपर्क स्थापित होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापारिक वाहनों को भी सुविधा मिलेगी। सीमावर्ती क्षेत्रों तक सामान की आवाजाही आसान होने से व्यापार को गति मिलने की संभावना है।
व्यापार और रोजगार को भी मिलेगा फायदा
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि 82.578 किलोमीटर लंबे मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा मार्ग को चार लेन बनाने की स्वीकृति बिहार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी आर्थिक और सामाजिक प्रभाव होंगे। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, माल ढुलाई आसान होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आर्थिक अवसरों का विस्तार होगा।
सीतामढ़ी और सोनबरसा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने से वहां के लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। सड़क के बेहतर होने से आम लोगों की यात्रा आसान होगी और परिवहन लागत में भी कमी आ सकती है।
संजय सरावगी ने कहा कि बिहार में आधुनिक सड़क सुविधाओं का लगातार विस्तार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा फोरलेन परियोजना उत्तर बिहार की विकास क्षमता को नई गति देने वाली साबित होगी।


