Jharkhand News: झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार रात बड़ा फैसला लिया। प्रोजेक्ट भवन में करीब चार घंटे चली कैबिनेट मंत्रियों की मैराथन बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने जेएसएससी-सीजीएल समेत टीडीपीएल की ओर से 2014 से अब तक आयोजित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं और उनके परिणामों को रद्द करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक आयोजित परीक्षाओं की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराने के लिए आईएएस अमिताभ कौशल के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी परीक्षा संचालन से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं को तय करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी और सीआईडी की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मामले की जांच अभी जारी है, इसलिए सभी जानकारियों का खुलासा फिलहाल संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच में कई कंपनियों का आपस में जुड़ा जटिल नेटवर्क सामने आया है। वर्ष 2014 से अब तक हुई परीक्षाओं की भी सीआईडी से जांच कराई जाएगी।
टीडीपीएल की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं और उनके सभी परिणामों को रद्द
सरकार के इस फैसले के तहत टीडीपीएल की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं और उनके सभी परिणामों को रद्द कर दिया गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में संपूर्ण जांच कराने की बात भी कही गई है। मुख्यमंत्री ने एसआईटी और सीआईडी को मामले की तह तक जाकर पारदर्शी तरीके से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि जेएसएससी-सीजीएल 2023 की परीक्षा 21 और 22 सितंबर 2024 को 2025 पदों के लिए आयोजित हुई थी। इसका परिणाम 8 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों ने लगातार आंदोलन किया। बाद में सफल अभ्यर्थियों को 30 दिसंबर 2025 को नियुक्ति पत्र भी दिया गया था।
छात्र लंबे समय से जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने के साथ टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित अन्य परीक्षाओं को भी रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। सरकार और छात्रों के बीच हुई वार्ता में कई मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग पर गतिरोध बना हुआ था।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद आंदोलनरत छात्रों में खुशी की लहर
सोमवार को छात्रों से दोपहर 2:30 बजे वार्ता प्रस्तावित थी। हालांकि, इससे पहले ही मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ बैठक कर पूरे मामले पर बड़ा निर्णय लिया और देर शाम परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा कर दी।मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद आंदोलनरत छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रोजेक्ट भवन के बाहर मौजूद सैकड़ों छात्रों ने सरकार के समर्थन में नारे लगाए। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब जांच बेहद बारीकी से होनी चाहिए और परीक्षा घोटाले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के साथ-साथ पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड को भी सामने लाकर कार्रवाई की जानी चाहिए। सरकार की घोषणा के बाद अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो सहित अन्य छात्र नेताओं का अनशन समाप्त कराने पहुॅचें स्वास्थ्य मंत्री इरपुान अंसारी , पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे की माैजूदगी में नेताओं ने अनशन खत्म करने की घोषणा की।


