Jharkhand News: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब और तेज हो गई है। अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने सोमवार को राज्य के कई जिलों में एक साथ व्यापक छापेमारी अभियान चलाते हुए रांची, बोकारो और पलामू के कई ठिकानों पर तलाशी ली। कई घंटों तक चली इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की, कई लोगों से पूछताछ की और जांच से जुड़े अहम साक्ष्य अपने कब्जे में लिए।
सीआईडी की कार्रवाई का केंद्र राजधानी रांची भी रही। यहां जांच टीम ने एक निजी कोचिंग संस्थान में पहुंचकर दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। अधिकारियों ने संस्थान से जुड़े लोगों से पूछताछ कर परीक्षा प्रक्रिया और उससे जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई परीक्षा माफिया अभय तिवारी से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर की गई है। जांच एजेंसी अब उन सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है, जिनका संबंध जेपीएससी परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया से हो सकता है।
बोकारो में सीआईडी की टीम सेक्टर-3 स्थित आवास संख्या 315 पहुंची, जिसे पूर्व जेपीएससी सदस्य सनात प्रकाश का सरकारी आवास बताया जा रहा है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार यह आवास पिछले करीब एक वर्ष से खाली है। इसके बावजूद अधिकारियों ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारी एकत्र की। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इस पते का मामले से कोई संबंध रहा है या नहीं।
वहीं पलामू जिले में सीआईडी ने एक साथ तीन अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। टीम ने मेदिनीनगर के बारालोटा हनुमान नगर निवासी शिक्षक रविशंकर कुमार के घर, बीएस कॉलेज के समीप शिक्षक संतोष कुमार सिंह के आवास तथा नौडीहा बाजार स्थित उनके पैतृक घर की गहन जांच की। तलाशी के दौरान कमरों, अलमारियों और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण कागजात और अन्य संभावित साक्ष्य जब्त किए गए, जिन्हें आगे की जांच के लिए सीआईडी अपने साथ ले गई।
सूत्रों के मुताबिक, जांच केवल परीक्षा में कथित गड़बड़ियों तक सीमित नहीं है। सीआईडी डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्क सूत्रों, दस्तावेजों और पूरे नेटवर्क की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही है। जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों और तकनीकी तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। राज्यभर से जुटाए गए दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की जांच जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी छापेमारी तथा पूछताछ की कार्रवाई की जा सकती है।


