झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिलों में जलभराव, फिसलन और यातायात बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची मौसम केंद्र ने 10 जुलाई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज के साथ बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में रांची, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे अधिक 96.3 मिलीमीटर वर्षा रामगढ़ जिले के डीवीसी क्षेत्र में दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कई नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे ग्रामीण सड़कों और संपर्क मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है।
राजधानी रांची में मंगलवार को दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। बादलों के छाए रहने से मौसम सुहावना बना रहा और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि बारिश के कारण कई जगहों पर ट्रैफिक जाम और सड़क पर फिसलन की समस्या देखने को मिली। इससे कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
तापमान की बात करें तो पिछले 24 घंटों में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान डाल्टनगंज में 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान रांची के कांके स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) में 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची में अधिकतम तापमान 26.2 और न्यूनतम 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी और सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। प्रशासन ने सभी जिला अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा वज्रपात की आशंका वाले स्थानों से दूर रहें।


