Bihar News : पटना। बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर आगामी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार होंगे। रविवार को जनसुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज भारती ने उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की। इसके साथ ही बांकीपुर सीट का चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है।
उम्मीदवारी की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले चार वर्षों से जनसुराज ही उनके जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें बांकीपुर से चुनाव लड़ने की जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वह पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता के सहयोग से जनसुराज अपने विचारों और नीतियों को मजबूती से लोगों तक पहुंचाएगी।
प्रशांत किशोर ने पार्टी के सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसुराज की स्थापना से जुड़े हर साथी का योगदान उनके लिए अमूल्य है। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी पर विश्वास जताने वाले मतदाताओं का समर्थन हमेशा याद रखा जाएगा। खास तौर पर बांकीपुर के कार्यकर्ताओं का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके आग्रह और विश्वास के कारण ही उन्होंने इस सीट से चुनाव लड़ने का फैसला लिया है।
उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि राज्य सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर जनता की राय भी तय करेगा। प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि भाजपा इस सीट पर जीत दर्ज करती है तो इसे सरकार की नीतियों के प्रति जनता के समर्थन के रूप में देखा जाएगा। वहीं यदि भाजपा हारती है तो यह सरकार के प्रति जनता के घटते विश्वास का संकेत माना जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुराज इस चुनाव में विकास, शिक्षा, रोजगार और सुशासन जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी का दरवाजा उन सभी लोगों के लिए खुला है जो बिहार में सकारात्मक बदलाव की राजनीति करना चाहते हैं।
गौरतलब है कि 182-बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना होगी। चुनाव आयोग 6 जुलाई को अधिसूचना जारी करेगा और उसी दिन से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उम्मीदवार 13 जुलाई तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई को होगी और 16 जुलाई तक नाम वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इसके बाद सभी दल चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकेंगे।


