Bihar News : छपरा। बिहार के सारण जिले के पानापुर प्रखंड के पकड़ी नरोत्तम गांव के रहने वाले नीरज कुमार सिंह ने शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय विकास के क्षेत्र में अपनी उल्लेखनीय पहचान बनाई है। किसान परिवार से आने वाले नीरज ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत, लगन और सामाजिक सोच के दम पर वैश्विक स्तर पर सफलता हासिल की है। हाल ही में उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया से एम.एस. इन इंटरनेशनल एजुकेशनल डेवलपमेंट की पढ़ाई पूरी की है और वर्तमान में समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े नीरज कुमार सिंह ने बचपन से ही शिक्षा में मौजूद असमानताओं को करीब से देखा। यही अनुभव उनके जीवन का उद्देश्य बन गया। उनका मानना है कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव और आर्थिक सशक्तिकरण की सबसे प्रभावी शक्ति है। इसी सोच के साथ वे वंचित और ग्रामीण समुदायों तक बेहतर शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
नीरज की शैक्षणिक उपलब्धियां भी काफी प्रेरणादायक हैं। उन्होंने राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान (RGNIYD), चेन्नई से सोशल वर्क में स्नातकोत्तर, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई से यूथ डेवलपमेंट लीडरशिप में डिप्लोमा और जयप्रकाश विश्वविद्यालय, सारण से विज्ञान स्नातक (बीएससी) की शिक्षा प्राप्त की। उनकी पूरी शैक्षणिक यात्रा समाज सेवा और शिक्षा सुधार के उद्देश्य से जुड़ी रही है।
अपने पेशेवर जीवन में नीरज कुमार सिंह ने सरकारी संस्थानों, शैक्षणिक संगठनों और अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसियों के साथ मिलकर 200 से अधिक संस्थानों में काम किया है। उनका कार्य ग्रामीण शिक्षा, बहुभाषी शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, शिक्षा नीति, युवा नेतृत्व, सामुदायिक नवाचार और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहा है।
कोविड-19 महामारी के दौरान भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। USAID-JSI और भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से संचालित कोविड-19 टीकाकरण जागरूकता अभियान में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अभियान के माध्यम से देश के वंचित इलाकों में लगभग 25 लाख लोगों तक जागरूकता और आवश्यक सेवाएं पहुंचाने में सहयोग मिला। इसके अलावा वे 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण तथा 2,500 से अधिक शिक्षार्थियों का मार्गदर्शन भी दे चुके हैं।
नीरज कुमार सिंह ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय, कोलंबिया विश्वविद्यालय और द न्यू स्कूल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के शैक्षणिक मंचों पर भी सहभागिता की है। साथ ही वे कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और नीति मंचों से जुड़े रहे हैं। उनका लक्ष्य ग्रामीण और वंचित युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। सारण से निकलकर वैश्विक मंच तक पहुंचने वाला उनका सफर बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।


