Close Menu
Today Post Live
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Friday, 11 September 2026 || 21:39
    • About Us
      • Contact Us
        • Privacy Policy
          • Terms and Conditions
          • News Submit
          Facebook X (Twitter) Instagram
          Today Post Live
          • होम
          • देश
          • विदेश
          • राजनीति
          • चुनाव
          • झारखंड
            • कोडरमा
            • खूंटी
            • गढ़वा
            • गिरिडीह
            • गुमला
            • गोड्डा
            • चतरा
            • चाईबासा
            • जमशेदपुर
            • जामतारा
            • दुमका
            • देवघर
            • धनबाद
            • पलामू
            • पाकुड़
            • बोकारो
            • रांची
            • रामगढ़
            • लातेहार
            • लोहरदगा
            • सराइकेला-खरसावां
            • साहेबगंज
            • सिमडेगा
            • हज़ारीबाग
          • बिहार
            • अररिया
            • अरवल
            • औरंगाबाद
            • कटिहार
            • किशनगंज
            • खगड़िया
            • गया
            • गोपालगंज
            • जमुई
            • जहांबाद
            • दरभंगा
            • नवादा
            • नालंदा
            • पटना
            • पश्चमी चंपारण
            • पुरनिया
            • पूर्वी चंपारण
            • बक्सर
            • बांका
            • बेगूसराय
            • भभुआ
            • भागलपुर
            • भोजपुर
            • मधुबनी
            • मधेपुरा
            • मुंगेर
            • मुजफ्फरपुर
            • रोहतास
            • लखीसराय
            • वैशाली
            • शिवहर
            • शेखपुरा
            • समस्तीपुर
            • सारण
            • सहरसा
            • सिवान
            • सीतामढ़ी
            • सुपौल
          • व्यापार
          • खेल
            • क्रिकेट
          • मनोरंजन
            • बॉलीवुड
            • हॉलीवुड
          • शिक्षा
          Today Post Live
          Home»Headline»आपातकाल विरोधी आंदोलन भारतीय लोकतंत्र का स्वर्णिम अध्याय : रामबहादुर राय
          Headline

          आपातकाल विरोधी आंदोलन भारतीय लोकतंत्र का स्वर्णिम अध्याय : रामबहादुर राय

          टुडे पोस्ट लाइवBy टुडे पोस्ट लाइवJune 24, 2026Updated:June 24, 2026No Comments3 Mins Read
          Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email
          Share
          Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email

          आपातकाल विरोधी संघर्ष लोकतंत्र की दूसरी आजादी की लड़ाई था : रामबहादुर राय

          Patna News:   वरिष्ठ पत्रकार, चिंतक और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष पद्मश्री रामबहादुर राय ने कहा है कि वर्ष 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन जहां देश की राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए निर्णायक संघर्ष था, वहीं 1975 से 1977 के बीच चला आपातकाल विरोधी आंदोलन भारतीय लोकतंत्र की दूसरी आजादी की लड़ाई के रूप में याद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1947 में देश को विदेशी शासन से मुक्ति मिली थी, जबकि 1977 में लोकतंत्र को तानाशाही प्रवृत्तियों से मुक्त कराया गया था।

          हिन्दुस्थान समाचार समूह की ओर से पटना के मीठापुर इंस्टीट्यूशनल एरिया में आयोजित ‘आपातकाल के 50 साल : बिहार आंदोलन और आपातकाल’ विषयक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामबहादुर राय ने कहा कि बिहार आंदोलन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का सक्रिय राजनीति में पुनरागमन था। वर्ष 1955 के बाद जेपी सक्रिय राजनीति से दूर होकर भूदान आंदोलन और सामाजिक कार्यों में जुट गए थे, लेकिन 1974 में उन्होंने बिहार आंदोलन का नेतृत्व स्वीकार कर छात्र आंदोलन को राष्ट्रीय जनआंदोलन में बदल दिया।

          रामबहादुर राय ने कहा कि बिहार आंदोलन को केवल भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के रूप में देखना उसकी व्यापकता को कम करके आंकना होगा। इसका मूल उद्देश्य ‘संपूर्ण क्रांति’ के माध्यम से व्यवस्था परिवर्तन था। जेपी केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि राजनीतिक संस्कृति, शासन व्यवस्था और सामाजिक ढांचे में व्यापक सुधार चाहते थे। उन्होंने कहा कि जेपी का चिंतन दूरदर्शी था और वे लंबे समय से प्रशासनिक एवं संवैधानिक सुधारों की आवश्यकता महसूस कर रहे थे।

          आपातकाल की पृष्ठभूमि पर चर्चा करते हुए राय ने कहा कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है कि दिल्ली के रामलीला मैदान में जयप्रकाश नारायण के भाषण के कारण आपातकाल लागू किया गया। उन्होंने बताया कि 12 जून 1975 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को अवैध घोषित किए जाने के बाद उत्पन्न राजनीतिक परिस्थितियों ने आपातकाल की राह तैयार की। सत्ता में बने रहने की इच्छा और राजनीतिक संकट की आशंका इसके प्रमुख कारणों में शामिल थे।

          उन्होंने कहा कि आपातकाल को समझने के लिए शाह आयोग की रिपोर्ट सबसे विश्वसनीय दस्तावेज है। इस रिपोर्ट में लोकतांत्रिक संस्थाओं, नागरिक अधिकारों और संवैधानिक प्रक्रियाओं पर पड़े प्रभाव का विस्तृत उल्लेख किया गया है। राय ने बताया कि आपातकाल के दौरान हजारों लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं ने जेल यात्राएं कीं और नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

          उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन सरसंघचालक बालासाहब देवरस ने लोकतंत्र समर्थक शक्तियों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह संघर्ष केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं था, बल्कि छात्रों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों का व्यापक जनआंदोलन बन गया था।

          रामबहादुर राय ने कहा कि जनवरी 1977 में चुनाव की घोषणा के बाद जनता ने अपने मताधिकार के माध्यम से आपातकाल के खिलाफ स्पष्ट संदेश दिया। चुनाव परिणामों ने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया और यह साबित किया कि भारतीय समाज लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था के प्रति गहरी आस्था रखता है। यही कारण है कि 1975-77 का संघर्ष भारतीय लोकतंत्र की दूसरी आजादी की लड़ाई के रूप में इतिहास में दर्ज है।

          50 years of the Emergency Bihar Movement Bihar Movement News Emergency 1975 History of Indian Democracy Jayaprakash Narayan JP Movement Patna News Today Rambahadur Rai the second freedom of democracy
          Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email

          Related Posts

          बगोदर में हथियार के बल पर घर में परिवार को बंधक बनाकर 1.20 लाख नकद और जेवरात लूटे

          September 11, 2026

          धनबाद में किशोरी का दो हिस्सों में बंटा शव मिलने से सनसनी,जंगल में पूजा सामग्री मिलने से नरबलि की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

          September 11, 2026

          नवादा के नरहट से दो माह पूर्व अपह्त महिला का कंकाल कोडरमा घाटी से बरामद, ऐसे खुला हत्या का राज

          September 11, 2026
          Social
          • Facebook
          • Twitter
          • Instagram
          • YouTube
          • LinkedIn
          • Pinterest
          • Telegram
          • WhatsApp

          Trending News

          बगोदर में हथियार के बल पर घर में परिवार को बंधक बनाकर 1.20 लाख नकद और जेवरात लूटे

          धनबाद में किशोरी का दो हिस्सों में बंटा शव मिलने से सनसनी,जंगल में पूजा सामग्री मिलने से नरबलि की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

          नवादा के नरहट से दो माह पूर्व अपह्त महिला का कंकाल कोडरमा घाटी से बरामद, ऐसे खुला हत्या का राज

          ब्रिक्स सम्मेलन आज से, पुतिन-मोदी की होगी अहम मुलाकात, 7 साल बाद भारत आएंगे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दिल्ली में कड़ी सुरक्षा

          जमुआ में महिला से मिलने पहुंचे अधेड़ की ग्रामीणों की पिटाई

          © 2026 TODAYPOST NEWS NETWORK. Designed by Microvalley Infotech Pvt Ltd.

          Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.