Bihar News: सुपौल जिले के सरायगढ़-भपटियाही अंचल क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सरायगढ़ पंचायत के वार्ड संख्या-5 स्थित 36.40 स्पर के निकट नदी में एक नाव अचानक पलट गई। नाव पर सवार करीब 15 लोग नदी में गिर पड़े, लेकिन नाविक और आपदा मित्रों की तत्परता से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ है।
जानकारी अनुसार, सुबह करीब 8:45 बजे नाव पलटने की सूचना प्रशासन को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही सरायगढ़-भपटियाही के अंचलाधिकारी धीरज कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय कुमार तथा थानाध्यक्ष प्रजेश कुमार दुबे अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ आपदा मित्रों और गोताखोरों की टीम भी मौजूद रही, जिन्होंने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और आपदा प्रबंधन विभाग के अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए बचाव कार्यों की निगरानी की और सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
प्रशासन के अनुसार, नाव पर सवार सभी लोग नदी पार कर घास काटने और टुंग तोड़ने के लिए जा रहे थे। बताया गया कि नाव किनारे पहुंचने के बाद कुछ लोग उतरने लगे, तभी अचानक संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई। नाव पलटते ही सभी यात्री नदी में गिर पड़े, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।
हालांकि नाविक की सूझबूझ और आपदा मित्रों की तत्परता के कारण सभी लोगों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्रशासन ने भी पुष्टि की है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है।
इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि नदी में नाव से यात्रा करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। नाव की क्षमता से अधिक यात्रियों को सवार नहीं किया जाना चाहिए और यात्रा के दौरान संतुलन बनाए रखना चाहिए।
प्रशासन ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल जिला आपातकालीन संचालन केंद्र या जिला नियंत्रण कक्ष को सूचना दें, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। समय पर कार्रवाई और स्थानीय लोगों के सहयोग से इस संभावित हादसे को बड़ी दुर्घटना बनने से रोक लिया गया।


