Bihar News: रोहतास जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सासाराम के अंचलाधिकारी (सीओ) आकाश कुमार रौनियार को तीन लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई गुरुवार को मोरसराय स्थित उनके किराए के आवास पर की गई। गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, सासाराम अंचल कार्यालय में कार्यरत राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार ने निगरानी थाना पटना में शिकायत दर्ज कराई थी कि अंचलाधिकारी उनसे दाखिल -खारीज के एवज में 50 हजार रिश्वत की मांग कर रहे हैं। वहीं एक लंबित मामले में 8 लाख की रिश्वत की मांग की गई थी। जिसे लेकर राजस्व कर्ममचारी ने शिकायत दर्ज करायी थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी गुप्त जांच शुरू की।
निगरानी अधिकारियों ने बताया कि एक दिन पहले शिकायत का सत्यापन किया गया था। जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि सीओ द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। इसके बाद विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और गुरुवार को कार्रवाई को अंजाम दिया।
बताया जा रहा है कि रिश्वत की रकम सीओ अपने निजी सहायक सोनू कुमार के माध्यम से ले रहे थे। जैसे ही तीन लाख रुपये की राशि ली गई, मौके पर पहले से मौजूद निगरानी टीम ने दोनों को दबोच लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाया गया।
इस कार्रवाई के बाद सासाराम अंचल कार्यालय सहित जिले के प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है।
गौरतलब है कि करीब एक वर्ष पहले भी सासाराम अंचल कार्यालय का एक डाटा एंट्री ऑपरेटर निगरानी विभाग के हत्थे चढ़ चुका है। उस समय उसे एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। लगातार दूसरी बार हुई इस कार्रवाई ने अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।फिलहाल निगरानी विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं।


