Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता गोपाल Kumar के चार अलग-अलग ठिकानों पर शनिवार को एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई पटना और जमुई जिले में की गई, जहां ईओयू की कई टीमों ने सुबह से दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, ईओयू को गोपाल कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। प्रारंभिक सत्यापन और जांच के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने मामला दर्ज करते हुए विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त किया। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन कर छापेमारी की गई।
ईओयू द्वारा दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि गोपाल कुमार, जो वर्तमान में ग्रामीण कार्य प्रमंडल झाझा (जमुई) में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात हैं, उन्होंने अपनी वैध आय से लगभग दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है। जांच एजेंसी के मुताबिक उनके पास करीब 2 करोड़ 61 हजार रुपये की अतिरिक्त संपत्ति होने का अनुमान है, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक है।
इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत केस दर्ज किया गया है। ईओयू की टीम अब अभियंता के बैंक खातों, निवेश, जमीन, फ्लैट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
छापेमारी के दौरान पटना के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित ज्योतिपुरम इलाके में जगत विला अपार्टमेंट के फ्लैट की तलाशी ली गई। इसके अलावा कंकड़बाग के पूर्वी इंदिरा नगर रोड नंबर-4 स्थित आवास पर भी जांच जारी रही। वहीं जमुई जिले में केकेएम कॉलेज के पास किराये के मकान और झाझा स्थित ग्रामीण कार्य प्रमंडल कार्यालय में भी दस्तावेजों की जांच की गई।
सूत्रों के अनुसार तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण कागजात और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि ईओयू की ओर से फिलहाल आधिकारिक रूप से बरामदगी का विस्तृत विवरण साझा नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई और बरामद संपत्तियों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।


