नेपाल से बिहार तक फैला था नेटवर्क
Saran News: जिले में मानव तस्करी और नाबालिग लड़कियों के शोषण के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में संचालित आर्केस्ट्रा सेंटरों पर विशेष छापेमारी अभियान चलाकर पुलिस ने 50 नाबालिग लड़कियों और युवतियों को मुक्त कराया। वहीं इस अवैध कारोबार में शामिल 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
यह कार्रवाई वरीय पुलिस अधीक्षक Vineet Kumar के निर्देश पर गठित विशेष टीम द्वारा की गई। पुलिस ने “आवाज दो” अभियान के तहत पिछले तीन दिनों से लगातार छापेमारी अभियान चलाया था। इस दौरान सहाजितपुर, गौरा, जलालपुर, मढ़ौरा और बनियापुर थाना क्षेत्रों में संचालित कई संदिग्ध आर्केस्ट्रा केंद्रों को निशाने पर लिया गया।
पुलिस के अनुसार इन आर्केस्ट्रा सेंटरों में लड़कियों को बंधक बनाकर रखा जाता था और उनसे जबरन डांस करवाया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क में नेपाल समेत कई राज्यों से लड़कियों को बहला-फुसलाकर लाया गया था। उन्हें अच्छे रोजगार और बेहतर जिंदगी का सपना दिखाकर इस दलदल में धकेला गया।
रेस्क्यू की गई पीड़ित लड़कियों में नेपाल की आठ, पश्चिम बंगाल की चार, झारखंड की दो, उड़ीसा की दो, उत्तर प्रदेश, असम और मध्य प्रदेश की एक-एक लड़की शामिल है। पुलिस ने सभी पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर भेजते हुए मेडिकल जांच और काउंसलिंग की व्यवस्था की है।
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और महिला थाना की संयुक्त टीम ने किया। टीम में एएचटीयू प्रभारी विशाल आनंद, महिला थानाध्यक्ष नेहा कुमारी और सामाजिक संस्था बचपन बचाओ आंदोलन के सदस्य भी शामिल रहे।
पुलिस ने महिला थाना कांड संख्या 68/26 दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, बंधुआ मजदूर अधिनियम और आईटीपीए एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बिहार, उड़ीसा, असम, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश के कई लोग शामिल हैं।
एसएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी महिलाओं या बच्चियों के शोषण की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 9031600191 पर सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


