Bihar News: पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुरुवार को बिहार की राजनीति का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah की मौजूदगी में सम्राट सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। समारोह में भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और आरएलएम के कुल 31 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इस विस्तार को आगामी चुनावों से पहले जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की बड़ी राजनीतिक रणनीति माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के नेतृत्व वाली सरकार में भाजपा कोटे से 15 और जदयू कोटे से 12 मंत्रियों को शामिल किया गया। वहीं लोजपा (रामविलास) से दो, जबकि हम और आरएलएम से एक-एक मंत्री बनाए गए हैं। उपमुख्यमंत्री के रूप में विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव पहले की तरह अहम भूमिका में रहेंगे।
भाजपा ने इस बार अपने पारंपरिक सवर्ण वोट बैंक के साथ-साथ पिछड़े, अति पिछड़े और दलित वर्गों को भी साधने की कोशिश की है। पार्टी ने यादव, निषाद, पासवान, रविदास और वैश्य समाज को प्रमुखता दी है। खास बात यह रही कि वैश्य समाज से सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व देखने को मिला। सूड़ी, कलवार, कानू और तेली समाज से नेताओं को मंत्री बनाकर भाजपा ने कारोबारी और ओबीसी वर्ग को मजबूत संदेश देने की कोशिश की है।
कैबिनेट विस्तार में दलित समुदाय को भी बड़ी हिस्सेदारी दी गई है। पासवान, रविदास, मुसहर और पासी समाज से कुल सात मंत्रियों को जगह मिली है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे एनडीए दलित वोट बैंक को मजबूत करने की तैयारी में जुटा है।
जदयू ने भी अपने सामाजिक समीकरण को संतुलित रखने का प्रयास किया है। पार्टी ने कुर्मी, मल्लाह, अल्पसंख्यक, कोइरी और धानुक समाज को प्रतिनिधित्व दिया है। मुस्लिम समुदाय से सिर्फ जमा खान को मंत्री बनाया गया है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है।
समारोह के दौरान गांधी मैदान में भारी भीड़ जुटी रही। भाजपा और जदयू कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह कैबिनेट विस्तार सिर्फ मंत्रियों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
निशांत कुमार ने सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल में मंत्री पद की ली शपथ
बिहार में सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रिमंडल का गुरुवार को विस्तार किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई। शपथ लेने वाले मंत्रियों में पूर्व मुख्यमंत्री व जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के पुत्र जदयू नेता निशांत कुमार भी शामिल हैं। निशांत कुमार के मंत्री पद की शपथ लेते ही उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हो गई है। शपथ ग्रहण से पूर्व निशांत कुमार ने अपने पिता नीतीश कुमार का आशीर्वाद लिया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।
विजय कुमार सिन्हा ने सम्राट मंत्रिमंडल में मंत्री पद की ली शपथ
सम्राट चौधरी की अगुवाई वाले बिहार सरकार में भाजपा कोटे से मंत्री पद की शपथ लेने वाले भूमिहार जाति के विजय कुमार सिन्हा लखीसराय निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं बिहार की राजनीति में लंबे अनुभव और प्रशासनिक दक्षता के लिए पहचाने जाने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता नीतीश मिश्रा ने सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ लेकर एक बार फिर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली है। मधुबनी जिले के झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक नीतीश मिश्रा संगठन और सरकार दोनों में अपनी सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाते हैं।
डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के मंत्री बनने से सीमांचल में भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह
बिहार की सम्राट चौधरी सरकार में गुरुवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। राजधानी पटना में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने के बाद अब डॉ. जायसवाल सरकार के महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके मंत्री बनने के बाद सीमांचल क्षेत्र सहित भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। किशनगंज, पूर्णिया और अररिया समेत कई इलाकों में कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया।
सम्राट मंत्रिमंडल में ईं शैलेंद्र और बुलो मंडल को मिली जगह, बढ़ा गंगा पार का राजनीतिक वजन
लगभग 13 साल बाद भागलपुर जिले के दो विधायक भाजपा से बिहपुर विधायक इंजीनियर कुमार शैलेंद्र और जदयू से गोपालपुर विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को बिहार सरकार में मजबूत राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिला है।
फर्क सिर्फ इतना नहीं है कि जिले से मंत्री बनाए गए हैं, बल्कि इस बार एक साथ दो नेताओं को कैबिनेट में जगह मिली है। दोनों नेता नवगछिया इलाके और गंगा पार की राजनीति से आते हैं। यानी बिहार की सत्ता में इस बार गंगा पार का राजनीतिक वजन अचानक बढ़ गया है।
इससे पहले भागलपुर जिले से आखिरी बड़ा प्रतिनिधित्व तब दिखा था जब भागलपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के अश्विनी चौबे मंत्री बने थे। भागलपुर जिले की राजनीति लंबे समय तक शहर केंद्रित रही। लेकिन इस बार सत्ता का फोकस नवगछिया और गंगा पार के इलाकों की ओर शिफ्ट होता दिख रहा है।


