Jharkhand News: रांची में चर्चित जमीन कारोबारी और पूर्व पार्षद हत्याकांड के मुख्य आरोपी शूटर सत्यम पाठक पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को हथियार बरामद करने के लिए बुधवार सुबह कांके डैम इलाके में ले जाया गया था, जहां उसने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस पर फायरिंग कर दी।
जानकारी के अनुसार, पंडरा क्षेत्र में जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की हत्या के मामले में गिरफ्तार सत्यम पाठक से पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ था कि उसने दो हथियार कांके डैम के पास छिपा रखे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम उसे लेकर मौके पर पहुंची थी।
बरामदगी के दौरान अचानक स्थिति तब बिगड़ गई जब सत्यम पाठक ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और फायरिंग करते हुए मौके से फरार होने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा के तहत गोली चलाई, जिसमें सत्यम पाठक के दोनों पैरों में गोली लगी। उसके हाथ में भी चोट आई है। घायल अवस्था में उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
जांच में यह भी सामने आया है कि सत्यम पाठक का आपराधिक इतिहास पुराना है और वह पहले भी एक हाई-प्रोफाइल हत्या में शामिल रह चुका है। पुलिस के अनुसार, वह धुर्वा के पूर्व पार्षद और भाजपा नेता वेद प्रकाश सिंह की हत्या में भी शामिल था। यह घटना 7 जुलाई 2024 को हुई थी, जब बाइक सवार अपराधियों ने धुर्वा बस स्टैंड के पास बैठे वेद प्रकाश सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें इलाज के लिए दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां 3 अगस्त 2024 को उनकी मौत हो गई थी।
वहीं हाल ही में पंडरा ओटीसी मैदान के पास जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सत्यम पाठक को शूटर और विजय टेटे को मास्टरमाइंड बताया गया है।
सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर हथियार बरामदगी की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान उसने पुलिस पर हमला कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे घायल कर पकड़ लिया गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस घटना ने शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।


