Ramgarh News: रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में शुक्रवार को जंगली हाथियों के झुंड ने अचानक हमला कर भारी तबाही मचा दी। इस दर्दनाक घटना में तीन ग्रामीणों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में डर और अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) नीतीश कुमार ने जानकारी दी कि हाथियों का झुंड सबसे पहले बंदा गांव स्थित एक ईंट भट्ठे पर पहुंचा। उस समय वहां कई मजदूर काम कर रहे थे। अचानक हुए हमले से मजदूरों में भगदड़ मच गई। इस दौरान कुजू निवासी धीरज भुईंया और पतरातू के ताराटांड़ गांव निवासी युगल भुईंया को हाथियों ने कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद हाथियों का झुंड मुरपा गांव की ओर बढ़ गया। यहां महुआ चुन रहे 74 वर्षीय श्यामदेव साहू को भी हाथियों ने अपना शिकार बना लिया। उन्हें भी कुचलकर मार दिया गया। वहीं, सूतरी धोड़धोड़िया बस्ती में महुआ चुन रही एक महिला पर भी हाथी ने हमला कर दिया, जिससे उसका पैर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल महिला को तुरंत गोला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने ईंट भट्ठा परिसर में हंगामा किया और वन विभाग, प्रशासन तथा भट्ठा मालिक से उचित मुआवजे की मांग की। परिजनों ने अतिरिक्त एक लाख रुपये की सहायता की मांग रखी।
वन विभाग की ओर से तत्काल राहत के रूप में मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि शेष 3.75 लाख रुपये की मुआवजा राशि पोस्टमार्टम और एफआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाएगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च भी वन विभाग द्वारा उठाया जा रहा है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ईंट भट्ठा संचालक आकाश ने भी मृतकों के परिजनों को 40-40 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन शवों के पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।
फिलहाल, पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल या आसपास के इलाकों में अकेले न जाएं और सतर्कता बरतें।


