- विष्णुगढ़ हत्याकांड का खुलासा: तंत्र-मंत्र के चक्कर में मासूम की हत्या
- झारखंड में सनसनी: बेटे को ठीक करने के लिए मां ने बेटी की ले ली जान
Jharkhand News: झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने बच्ची की मां रेशमी देवी, तांत्रिक महिला शांति देवी और आरोपी भीम राम को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह जघन्य अपराध अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के कारण अंजाम दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड की डीजीपी तादाशा मिश्रा खुद हजारीबाग पहुंचीं और देर रात पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। उनके निर्देश पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूरे मामले का पर्दाफाश किया।
पुलिस के अनुसार, घटना विष्णुगढ़ के कुसुंभा गांव की है, जहां अष्टमी की रात पूरे गांव में उत्सव का माहौल था। इसी दौरान एक घर के भीतर बच्ची की निर्मम हत्या कर दी गई। जांच में पता चला कि बच्ची की मां रेशमी देवी अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए तांत्रिक शांति देवी के संपर्क में आई थी। तांत्रिक के बहकावे में आकर उसने अपनी ही बेटी की बलि दे दी।
हत्या को अंजाम देने में भीम राम ने भी सहयोग किया। आरोपियों ने पहले बच्ची की हत्या की और फिर साक्ष्य मिटाने के लिए शव को बगीचे में फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि घटना को भटकाने के लिए अलग रंग देने की कोशिश की गई, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आ गई। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।
इस मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपी भीम राम (जिसे भोला राम भी कहा जाता है) पर पहले भी हत्या के आरोप लग चुके हैं। उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
इस जघन्य अपराध की जांच के लिए हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन के नेतृत्व में 26 मार्च को एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। इस टीम का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी नागरगोजे शुभम भाउसाहेब कर रहे थे। टीम में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जिनकी मेहनत से मामले का सफल खुलासा संभव हो पाया।
यह घटना समाज में व्याप्त अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के खतरनाक प्रभाव को उजागर करती है, जहां एक मां ही अपनी बेटी की जान की दुश्मन बन गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अंधविश्वास से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
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