Nawada News: पूर्व राज्य मंत्री राजबल्लभ प्रसाद यादव और जदयू विधायक विभा देवी के पुत्र अखिलेश कुमार की मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद इलाज के दौरान हुई उनकी मौत से परिजन और समर्थक आक्रोशित हैं। इस घटना के विरोध में गुरुवार को धर्मशिला अस्पताल के बाहर समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आपराधिक कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संजय यादव ने आरोप लगाया कि अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण अखिलेश की जान गई। उन्होंने कहा कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने से स्थिति बिगड़ती गई। वहीं, पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव ने भी इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
अस्पताल में उन्हें करीब सात घंटे तक रोके रखा गया, जिससे अंदरूनी रक्तस्राव बढ़ता गया
परिजनों के अनुसार, अखिलेश यादव अपने घर के पास से थार गाड़ी लेकर बाजार जा रहे थे, तभी रास्ते में एक पेड़ से वाहन टकरा गया। हादसे के बाद उन्हें तुरंत नवादा के धर्मशिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार का आरोप है कि बाहरी रूप से गंभीर चोट के निशान नहीं होने के बावजूद अस्पताल में उन्हें करीब सात घंटे तक रोके रखा गया, जिससे अंदरूनी रक्तस्राव बढ़ता गया।
बाद में हालत बिगड़ने पर उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते बेहतर सुविधा वाले अस्पताल में भेजा जाता, तो उनकी जान बच सकती थी। राजबल्लभ यादव ने इस पूरे मामले को “मौत नहीं बल्कि हत्या” बताते हुए डॉक्टरों पर जानबूझकर लापरवाही करने का आरोप लगाया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की एक टीम धर्मशिला अस्पताल पहुंचकर जांच में जुट गई है। टीम के नेतृत्व में डॉ. आफताब कलीम ने बताया कि इलाज की पूरी प्रक्रिया, अस्पताल की व्यवस्था, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित चिकित्सकों की भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद ही निष्कर्ष सामने आएगा।
हाईटेक अस्पताल बनाने का ऐलान
इस बीच, बेटे की मौत के बाद राजबल्लभ यादव ने नवादा में एक अत्याधुनिक अस्पताल बनाने की घोषणा भी की है। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में आधुनिक मशीनें, विशेषज्ञ डॉक्टर और बेहतर इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि लोगों को दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।फिलहाल इस घटना को लेकर पूरे जिले में आक्रोश का माहौल है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। प्रशासन भी रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।


