Deoghar : झारखंड में सड़क हादसों और मोटर व्हीकल एक्ट के उल्लंघन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन इन दिनों देवघर जिला सबसे ज्यादा चर्चा में है। यहां ट्रैफिक नियमों की अनदेखी इस कदर बढ़ गई है कि जिला परिवहन विभाग को सख्त कदम उठाने पड़े हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल में देवघर में 5 हजार से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं। यह स्थिति साफ इशारा करती है कि लोगों के पास लाइसेंस तो है, लेकिन ड्राइविंग सेंस की भारी कमी है।
हर महीने सैकड़ों लाइसेंस सस्पेंड, विभाग सख्त
जिला परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 में 821 लाइसेंस सस्पेंड किए गए, मई में 1105, जून में 157, अगस्त में 623, सितंबर में 617, अक्टूबर में 312, नवंबर में 176, दिसंबर में 203, जनवरी 2026 में 225 और फरवरी में करीब 200 लाइसेंस सस्पेंड हुए। ये आंकड़े इस बात का सबूत हैं कि नियम तोड़ने वालों की संख्या लगातार ज्यादा है। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई लोगों में डर और जागरूकता पैदा करने के लिए की जाती है।
रैश ड्राइविंग पर लाखों का जुर्माना
सिर्फ लाइसेंस सस्पेंड ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना भी वसूला गया है। पिछले 6 महीनों में करीब 28 से 30 लाख रुपये का फाइन वसूला गया। अक्टूबर में 2.31 लाख, नवंबर में 2.07 लाख, दिसंबर में 4.40 लाख, जनवरी में 3.60 लाख और फरवरी में 5.36 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि मार्च 2026 में ही अब तक 13 लाख रुपये से ज्यादा की वसूली हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद लोगों के व्यवहार में खास बदलाव नहीं दिख रहा।
डीटीओ बोले- नियम मानने के लिए जरूरी है सख्ती
देवघर के डीटीओ शैलेश प्रियदर्शी का कहना है कि लाइसेंस सस्पेंड करने का मकसद लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए मजबूर करना है। उन्होंने माना कि जिले में लोगों की लापरवाही चिंताजनक है और विभाग अब और सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। उनका कहना है कि लगातार कार्रवाई से लोगों में डर और जिम्मेदारी दोनों पैदा होंगे।
बाहर से आने वाले वाहन भी बन रहे हादसों की वजह
रोड सेफ्टी एक्सपर्ट ऋषभ आनंद के मुताबिक, देवघर एक धार्मिक शहर है, जहां हर दिन सैकड़ों गाड़ियां दूसरे राज्यों से आती हैं। इन ड्राइवरों को स्थानीय रूट और डायवर्जन की जानकारी नहीं होती, जिससे वे अक्सर नो-एंट्री में घुस जाते हैं और हादसे का कारण बनते हैं। उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया कि बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए।
जागरूकता ही है समाधान, प्रशासन की उम्मीदें बरकरार
परिवहन विभाग का मानना है कि सख्ती के साथ-साथ जागरूकता ही इस समस्या का स्थायी समाधान है। विभाग लगातार लोगों को नियमों के प्रति सचेत करने की कोशिश कर रहा है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में देवघर के लोग ट्रैफिक नियमों को गंभीरता से लेंगे, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी।

