Prayagraj News :आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की ओर से दायर अर्जी पर पॉक्सो कोर्ट के आदेश के बाद झूंसी थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 5, 6, 3, 4(2), 16 और 17 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। मामला सामने आते ही धार्मिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है।
माघ मेला स्थित शिविर का पुलिस ने किया निरीक्षण
FIR दर्ज होने के बाद झूंसी थाने की पुलिस ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। विवेचना अधिकारी ने वादी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की मौजूदगी में माघ मेला क्षेत्र स्थित कथित घटनास्थल का निरीक्षण किया। त्रिवेणी मार्ग पर स्थित स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर का विधिवत निरीक्षण कर विस्तृत नक्शा-नजरी (साइट प्लान) तैयार किया गया। पुलिस ने शिविर परिसर, प्रवेश और निकास मार्ग, संबंधित कक्षों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भौतिक सत्यापन और अंकन किया, ताकि मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित की जा सके।
आरोप-प्रत्यारोप से गरमाया विवाद
मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पलटवार करते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी को ही अपराधी बताया है। उनका कहना है कि आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं और उनकी “आपराधिक कुंडली” रही है। वहीं आशुतोष ब्रह्मचारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यदि वे अपराधी हैं तो स्वामी किसी भी थाने या कोर्ट का ऐसा दस्तावेज प्रस्तुत करें जो इसे साबित करता हो।
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‘फर्जी मुकदमों की लिस्ट’ का भी विवाद
आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप है कि उनके खिलाफ 21 मुकदमों की एक फर्जी सूची सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है। उन्होंने इस संबंध में भी अलग से FIR दर्ज कराने की बात कही है। उनका कहना है कि वे इस मामले में खुद को पीड़ित नहीं, बल्कि केवल सूचनाकर्ता बता रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

