Donald Trump : अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर वैश्विक व्यापार को झटका देते हुए बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट कर बताया कि अमेरिका अब दुनिया भर के देशों पर लागू 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ को बढ़ाकर 15 फीसदी कर रहा है। उन्होंने कहा कि दशकों तक कई देशों ने बिना किसी पेनल्टी के अमेरिका का फायदा उठाया और यह फैसला उसी का जवाब है। ट्रंप के मुताबिक यह कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और घरेलू उद्योगों की रक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नया दांव
यह फैसला ऐसे समय आया है जब Supreme Court of the United States ने आर्थिक आपातकालीन कानून के तहत लगाए गए टैरिफ को अवैध करार दिया था। कोर्ट ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को ट्रंप की टैरिफ नीति पर सवाल उठाए थे। इसके बाद ट्रंप ने कोर्ट के फैसले को “शर्मनाक” बताया और कहा कि अदालत विदेशी हितों से प्रभावित हो गई है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास टैरिफ लागू करने के और भी कानूनी विकल्प मौजूद हैं।
ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 का सहारा
ट्रंप प्रशासन अब Trade Act of 1974 की धारा 122 का सहारा लेने की तैयारी में है। इस प्रावधान के तहत राष्ट्रपति अधिकतम 15 फीसदी टैरिफ 150 दिनों के लिए लगा सकते हैं। हालांकि, 150 दिनों से अधिक समय तक टैरिफ जारी रखने के लिए अमेरिकी संसद की मंजूरी जरूरी होगी। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में “कानूनी और स्थायी टैरिफ” की घोषणा की जाएगी।
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🇺🇸 ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ की रणनीति
ट्रंप ने साफ किया कि उनका लक्ष्य “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” अभियान को आगे बढ़ाना है। उनका कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका किसी भी देश से व्यापार बंद कर सकता है। 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ को बढ़ाकर 15 फीसदी करना इसी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है। अब इस फैसले का वैश्विक बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर क्या असर पड़ेगा, इस पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।

