Chaibasa News:- पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोईलकेरा प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना में हाथी के हमले से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। इस हादसे में एक पिता और उसके दो मासूम बच्चों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और शोक का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 10:30 बजे एक खूंखार दंतैल हाथी आबादी वाले इलाके में घुस आया। अचानक हुए इस हमले में कुंदरा बाहदां हाथी की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हमले के दौरान उनके पुत्र कोदमा बाहदां और पुत्री सामू बाहदां भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्होंने इलाज से पहले ही दम तोड़ दिया। इस घटना में परिवार की एक अन्य बच्ची जिंगीं बाहदां गंभीर रूप से जख्मी हो गई। उसके सिर में गंभीर चोटें आई हैं और प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए ओडिशा के राउरकेला रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। वन विभाग की ओर से मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता के रूप में 20 हजार रुपये की मुआवजा राशि दी गई और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की गई। हालांकि, पीड़ित परिवार और ग्रामीण इस सहायता को अपर्याप्त बता रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोईलकेरा और आसपास के इलाकों में बीते कई दिनों से हाथियों का झुंड सक्रिय है। बावजूद इसके हाथियों की निगरानी और लोगों को समय पर सतर्क करने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों के अनुसार, अब तक पूरे क्षेत्र में हाथियों के हमले से 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से छह मौतें सिर्फ गोईलकेरा प्रखंड में दर्ज की गई हैं।
लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोग रात के समय घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की प्रभावी निगरानी, अलर्ट सिस्टम लागू करने और प्रभावित गांवों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।

