Jamshedpur News:- पूर्वी सिंहभूम जिले के एमजीएम थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गोकुल नगर निवासी जीत महतो की हिरासत में मौत के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो ने इसे पुलिस प्रताड़ना से हुई हत्या करार देते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही सांसद बिद्युत बरण महतो शुक्रवार देर रात गोकुल नगर पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान मृतक की मां पूजा महतो ने गिरफ्तारी से लेकर मौत तक की पूरी घटना का विवरण दिया। सांसद ने बताया कि परिजनों की बातें बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली हैं, जो पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
सांसद ने कहा कि जीत महतो की गिरफ्तारी की प्रक्रिया संदिग्ध है। आरोप है कि एक छोटे मोबाइल चोरी के संदेह में युवक को जबरन हिरासत में लिया गया, जहां उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना की गई। इसी कारण उसकी हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। सांसद ने आरोप लगाया कि मौत के बाद मामले को सामान्य दिखाने के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि युवक की मौत के बाद इतनी जल्दी पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार क्यों कर दिया गया। सांसद ने दावा किया कि मामले को दबाने के लिए थाना प्रभारी की ओर से परिजनों को दो लाख रुपये दिए गए। उन्होंने पूछा कि यह राशि किस मद से और किस अधिकारी की अनुमति से दी गई, और क्या झारखंड में एक युवक की जान की कीमत सिर्फ दो लाख रुपये है।
सांसद बिद्युत बरण महतो ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक से मांग की कि इस मामले में जिम्मेदार सभी पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित थाना प्रभारी का पूर्व रिकॉर्ड भी विवादों से जुड़ा रहा है।
सांसद ने राज्य सरकार से मांग की कि मृतक अपने परिवार का एकमात्र सहारा था, इसलिए उसके परिवार और नवजात शिशु के भरण-पोषण के लिए समुचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

