Patna News:- बिहार में आयुष डॉक्टरों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान सामने आए हिजाब विवाद पर अब विराम लगता नजर आ रहा है। इस पूरे मामले से जुड़ी आयुष महिला चिकित्सक डॉ. नुसरत परवीन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से किसी भी प्रकार की नाराजगी से साफ इनकार किया है। साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह 20 दिसंबर, शनिवार को सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपनी सेवा में योगदान देंगी।
दरअसल, 15 दिसंबर को आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा डॉ. नुसरत का हिजाब हल्के से सरकाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया। विपक्षी दलों ने इसे मुद्दा बनाते हुए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा और कुछ राज्यों में उनके खिलाफ एफआईआर तक दर्ज कराई गई।
इस पूरे विवाद के बीच अब डॉ. नुसरत परवीन की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। राजकीय तिब्बी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मोहम्मद महफजुर रहमान ने मीडिया को बताया कि डॉ. नुसरत ने अपनी मित्र बिल्किस परवीन से बातचीत में साफ कहा है कि इस घटना को बेवजह तूल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मामला न तो धर्म से जुड़ा है और न ही मुख्यमंत्री की ओर से उनके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार किया गया था।
प्रिंसिपल के अनुसार, डॉ. नुसरत ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नाराज नहीं हैं और पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवा शुरू करेंगी। हालांकि, उन्होंने बताया कि उनकी डॉ. नुसरत से अभी प्रत्यक्ष बातचीत नहीं हो सकी है, लेकिन वे लगातार संपर्क में रहने का प्रयास कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, डॉ. नुसरत परवीन 20 दिसंबर को सुबह 10 से 11 बजे के बीच सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर योगदान देंगी। उनके परिजनों ने भी किसी तरह की नाराजगी या विरोध की बात को सिरे से खारिज किया है।
इस घटनाक्रम के बाद यह साफ हो गया है कि हिजाब को लेकर उठे विवाद का असर डॉ. नुसरत की सेवा प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि अब यह मामला शांत हो जाएगा और ध्यान स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा।

