मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर माकपा का विरोध, वृंदा करात ने जताई गंभीर चिंता
माकपा ने JMM प्रत्याशी को दिया समर्थन, आयोग पर पक्षपात का लगाया आरोप
Ranchi News: पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाए जाने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस मामले पर माकपा की वरिष्ठ नेत्री वृंदा करात ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही की जिम्मेदारी झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को लेनी चाहिए। यह अत्यंत दुखद और शर्मनाक घटना है, जिसने राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर खामियों को उजागर किया है।
बुधवार को मेन रोड स्थित माकपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में वृंदा करात ने कहा कि सरकार को इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारी से बचना जनता के साथ अन्याय है।
इसी दौरान उन्होंने निर्वाचन आयोग के हालिया निर्णय पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। वृंदा करात ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को नागरिकता निर्धारण का उपकरण नहीं बनाया जा सकता। यह प्रक्रिया गरीब और कमजोर तबके को मताधिकार से वंचित कर सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने बिहार के अनुभव से कोई सबक नहीं लिया, जबकि वहां बड़ी संख्या में पात्र लोगों को मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि जब नागरिकता निर्धारण का मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है, तब आयोग को इस प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए।
वृंदा ने कहा कि 11 दस्तावेजों की अनिवार्यता गरीबों के लिए मुश्किल खड़ी करती है। उन्होंने जोर दिया कि आधार कार्ड या अन्य प्रमाणों की मांग के नाम पर किसी भी नागरिक को मतदाता सूची से हटाना लोकतंत्र के खिलाफ है।
प्रेस वार्ता के अंत में माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने घोषणा की कि पार्टी घाटशिला उपचुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रत्याशी का समर्थन करेगी।

