Giridih News:- अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल करने की मांग को लेकर कुड़मी समाज का पूर्व घोषित ‘रेल टेका डहर छेका’ आंदोलन शनिवार को पूरे जोश के साथ शुरू हुआ। आंदोलन का व्यापक असर गिरिडीह और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में आंदोलनकारी पारसनाथ के पास ग्रैंड कोड लाइन पर इकट्ठा हुए और ट्रैक जाम कर दिया। यह रेल मार्ग दिल्ली को गया-धनबाद होते हुए कोलकाता से जोड़ता है। आंदोलनकारियों ने ट्रैक पर बैठकर नारेबाजी की, जिसके चलते दिल्ली–भुवनेश्वर एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस सहित कई प्रमुख ट्रेनों का परिचालन घंटों बाधित रहा। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए। गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव और एसपी डॉ. बिमल कुमार डुमरी कैंप में रहकर आंदोलन की जानकारी लेते रहे। वहीं डुमरी एसडीपीओ सुमित कुमार, आरपीएफ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई।
आंदोलन को राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिला। जेएलकेएम विधायक जयराम महतो, आजसू की केंद्रीय महासचिव यशोदा देवी, जिप सदस्य बैजनाथ महतो, प्रखंड अध्यक्ष अमित महतो, मुखिया जागेश्वर महतो, झामुमो नेता सुभाष महतो और अन्य कई नेता आंदोलनकारियों के साथ रेलवे ट्रैक पर डटे रहे।
हालांकि प्रशासन ने कल से ही स्टेशन परिसर में निषेधाज्ञा लागू कर दी थी और कई स्थानों पर बैरियर लगाकर पुलिस जवानों की तैनाती की थी। इसके बावजूद आंदोलनकारी खेतों के रास्ते ट्रैक तक पहुंचने में सफल रहे।
नेताओं ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार कुड़मी जाति को एसटी सूची में शामिल नहीं करती और कुरमाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में मान्यता नहीं देती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

