झारखंड सीएनटी एक्ट केस: 15 साल बाद सजा का ऐलान कल
Ranchi News: झारखंड की राजनीति से जुड़े एक बड़े मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का समेत 10 आरोपितों को सीएनटी (छोटा नागपुर काश्तकारी) एक्ट के उल्लंघन का दोषी करार दिया गया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब 30 अगस्त को अदालत दोषियों को सजा सुनाएगी।
इस मामले में कुल 11 लोग आरोपित थे। इनमें से राजस्व कर्मचारी गोवर्धन बैठा को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। अदालत में गोवर्धन बैठा की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह महाराणा ने पैरवी की थी।अदालत ने यह फैसला 15 साल पुराने मामले में सुनाया है। आरोप है कि मंत्री रहते हुए एनोस एक्का ने पद का दुरुपयोग कर फर्जी पते के आधार पर आदिवासी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की थी। इसमें उनकी पत्नी मेनन एक्का, तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात और अन्य लोगों ने सहयोग किया था।
सीबीआई की ओर से इस मामले में 18 गवाह पेश किए गए। जांच में यह सामने आया कि मार्च 2006 से मई 2008 के बीच एनोस एक्का ने अपनी पत्नी के नाम पर कई जमीनें खरीदीं। इसमें हिनू में 22 कट्ठा, ओरमांझी में 12 एकड़ से अधिक, नेवरी में 4 एकड़ और चुटिया स्टेशन रोड पर 9 डिसमिल जमीन शामिल थी।
गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 4 अगस्त 2010 को एनोस एक्का और अन्य आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। दिसंबर 2012 में चार्जशीट दाखिल की गई थी। इसके बाद 5 नवंबर 2019 को अदालत ने आरोप तय किए थे और ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हुई थी।आख़िरकार, लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने दोषियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस फैसले के बाद झारखंड की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। अब सभी की निगाहें शनिवार को आने वाले सजा के फैसले पर टिकी हैं।

