Bhagalpur News: जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र अंतर्गत लकड़ाकोल गांव में शुक्रवार देर रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब अपहरण की सूचना पर पहुंची कहलगांव थाने की पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया।
पुलिस की टीम सिविल ड्रेस और निजी गाड़ी में गांव पहुंची थी, जिसमें सब इंस्पेक्टर दुबे देवगुरु सहित चार जवान शामिल थे। ग्रामीणों को जब इनकी पहचान नहीं हुई, तो उन्होंने पहले फायरिंग सुनी और फिर इन पुलिसकर्मियों को अपराधी समझ लिया। इसके बाद भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। भागने के दौरान सब इंस्पेक्टर देवगुरु को पकड़कर ग्रामीणों ने बुरी तरह पीटा। उनके सिर में गंभीर चोट है और वे आईसीयू में भर्ती हैं।
सूचना मिलने पर डीएसपी कल्याण आनंद के नेतृत्व में दूसरी पुलिस टीम वहां पहुंची, जिसमें एनटीपीसी थानाध्यक्ष सुशील कुमार और कहलगांव थाने के सब इंस्पेक्टर शत्रुघ्न कुमार शामिल थे। लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने उन पर भी हमला कर दिया। पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए बिना जूते-चप्पल के भागना पड़ा।
इस घटना की जड़ें एक चार साल पुराने हाईवा चोरी केस से जुड़ी बताई जा रही हैं। पीड़ित राजेश यादव लकड़ाकोल गांव के रहने वाले हैं। वैष्णो देवी से लौटे और नवगछिया स्टेशन से सबौर की ओर जा रहे थे। रास्ते में सन्हौला निवासी विजय भगत दिखे, जिस पर हाईवा चोरी का आरोप था।राजेश ने विजय को पकड़ लिया और गांव लाकर पंचायत की विजय ने पैसे लौटाने की बात कही। लेकिन इसी बीच विजय ने अपने परिजन को कॉल कर दिया और खुद के अपहरण की सूचना पुलिस को दे दी। सूचना के आधार पर कहलगांव थाने की टीम निजी वाहन और सिविल ड्रेस में वहां पहुंची। गांव के मुहाने पर राजेश को देख पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के एक जवान द्वारा फायरिंग किए जाने से राजेश ने भी पत्थर फेंक दिया शोर सुनकर सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हो गए और पुलिस टीम को अपराधी समझ सभी की पिटाई कर दी।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस जब गांव में घुसी तो वे सिविल ड्रेस में थे और गाड़ी भी निजी थी। अचानक फायरिंग शुरू हो गई, जिससे उन्हें शक हुआ कि अपराधियों ने हमला किया है। इसी भ्रम में ग्रामीणों ने घेर कर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस वालों की वर्दी न होने और निजी गाड़ी से आने के कारण उन्हें शक हुआ और हमला कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने करीब 9 राउंड फायरिंग की, लेकिन वह भी असरहीन रही। पुलिस अब हमलावरों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

