बिहार का ऐतिहासिक बेतिया राज अब 100 साल से अधिक समय से कोर्ट ऑफ वार्ड के अधीन है, और इस राजघराने की विशाल संपत्ति की देखरेख का जिम्मा अब राजस्व पर्षद ने संभाला हुआ है। राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण अभियान के तहत, बेतिया राज की जमीनों का भी सर्वे किया जा रहा है। बेतिया राज के अंतर्गत करीब 15 हजार एकड़ भूमि आती है, जिसमें से लगभग 6 हजार एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। इस ऐतिहासिक संपत्ति की स्थिति पर गहराई से नजर डाली जा रही है।
बेतिया से उत्तर प्रदेश तक फैला था महाराज का साम्राज्य
बेतिया राज के प्रबंधक अनिल कुमार सिंह के अनुसार, महाराज की कुल जमीन का बड़ा हिस्सा बिहार और उत्तर प्रदेश में फैला है। बिहार में लगभग 9 हजार एकड़ और उत्तर प्रदेश में 6 हजार एकड़ जमीन दर्ज है। हालांकि, समय के साथ बड़ी मात्रा में इस जमीन पर अतिक्रमण किया गया है, जिसे अब हटाने की तैयारी हो रही है। अनिल कुमार सिंह ने बताया कि इस जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए जिलाधिकारी और अंचलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
अवैध कब्जा हटाने के लिए कड़ी कार्रवाई होगी
राजस्व पर्षद ने स्पष्ट कर दिया है कि बेतिया राज की जमीन पर किसी भी प्रकार का 1897 के बाद हुआ बंदोबस्त मान्य नहीं होगा। केवल 1 अप्रैल 1897 से पहले की गई बंदोबस्त को ही वैध माना जाएगा। इस कानून के तहत, अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन को हर हाल में खाली कराया जाएगा। यदि किसी प्रकार की बंदोबस्ती राजस्व पर्षद की अनुमति के बाद हुई है, तो उसे ही वैध माना जाएगा।
बेतिया राज की जमीनों का सर्वे: वस्तुस्थिति की जांच
कोर्ट ऑफ वार्ड के सचिव गिरिवर दयाल सिंह के अनुसार, इस वक्त बेतिया राज की जमीनों और परिसंपत्तियों का सर्वे कराकर उसकी वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जमीनों पर अवैध कब्जा हटा दिया जाए और संपत्ति का सही लेखा-जोखा तैयार किया जाए। इसके लिए जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ संवाद जारी है।
अतिक्रमण के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
राज प्रबंधक ने चेतावनी दी है कि जो लोग बेतिया राज की जमीनों पर अवैध कब्जा कर चुके हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से यह निर्देश दिए गए हैं कि समय सीमा के अंदर सर्वे पूरा कर लिया जाए, ताकि जमीनों को कब्जा मुक्त कराया जा सके। इसके साथ ही, 1897 के बाद की गई बंदोबस्ती को अतिक्रमण माना जाएगा और उसे रद्द कर दिया जाएगा


