बिहार राज्य में राजस्व संबंधी कार्यों को बेहतर बनाने के लिए सितंबर महीने में पहली बार जिला पदाधिकारियों (डीएम) सह समाहर्ताओं की रैंकिंग जारी की गई है। इस रैंकिंग में पहले स्थान पर बांका जिले के डीएम अंशुल कुमार रहे, जिन्हें 56.80 फीसदी अंक मिले हैं। दूसरे स्थान पर शेखपुरा जिले के डीएम आरिफ अहसान हैं, जिन्हें 51.33 अंक मिले हैं। तीसरे स्थान पर सीवान के डीएम मुकुल कुमार गुप्ता का नाम है, जिन्हें 42.68 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं।
सबसे खराब प्रदर्शन
राजस्व कार्यों में सबसे अंतिम स्थान, यानी 38वें नंबर पर अररिया जिला के डीएम अनिल कुमार का प्रदर्शन रहा। वहीं, पटना जिले के डीएम चंद्रशेखर सिंह 34वें नंबर पर रहे और उन्हें 26.92 फीसदी अंक मिले हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा राजस्व कार्यों के मूल्यांकन के लिए आठ क्षेत्रों का ध्यान रखा गया है, जिसके आधार पर यह रैंकिंग तैयार की गई है।
मूल्यांकन के क्षेत्र
डीएम के कामकाज का मूल्यांकन करने के लिए जिन आठ क्षेत्रों को आधार बनाया गया है, उनमें शामिल हैं:
- दाखिल खारिज मामलों का सुपरविजन
- परिमार्जन प्लस पोर्टल का सुपरविजन
- अभियान बसेरा-2 के कार्य
- रैयतों की जमाबंदियों से आधार नंबर का जुड़ाव
- एडीएम कोर्ट में राजस्व कार्यों का सुपरविजन
- डीसीएलआर कोर्ट में राजस्व मामलों का सुपरविजन
- ईमापी के कार्यों का सुपरविजन
- डीएम कोर्ट में राजस्व वादों का निपटारा
जिलों का प्रदर्शन
सितंबर में कुछ जिलों में सुधार देखने को मिला है, जबकि कुछ ने पिछड़ने का सामना किया है। पिछली रैंकिंग में पटना जिला 31वें स्थान पर था, जबकि इस बार वह 34वें स्थान पर आ गया है। वहीं, सीवान जिले ने सुधार दिखाते हुए तीसरे स्थान पर जगह बनाई है, जबकि सुपौल जिला चौथे स्थान पर रहा।
अधिकारियों की टिप्पणी
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा है कि इस रैंकिंग का उद्देश्य राजस्व संबंधित कार्यों की बेहतर समीक्षा और प्रगति की देख-रेख करना है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सभी समाहर्ता अब राजस्व कार्यों में अधिक रुचि लेंगे और तीव्र निष्पादन सुनिश्चित करेंगे। यह रैंकिंग हर महीने जारी की जाएगी, जिससे कार्यों में सुधार की निरंतरता बनी रहेगी। यह कदम बिहार के प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे अंततः नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी


