Chaibasa News: चाईबासा के बरकंदाज टोली (बान टोला) में बुधवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया। घटना सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच घटी, जब 30 वर्षीय सुनीता कुजूर अपने घर के पास घरेलू कामों में व्यस्त थी। अचानक पास की पुरानी मिट्टी की दीवार भरभरा कर गिर गई और सुनीता उसके मलबे के नीचे दब गई।
हादसे की जानकारी मिलते ही टोला के मुखिया लालू कुजूर सहित ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने तुरंत मलबा हटाकर सुनीता को बाहर निकाला और उसे गंभीर हालत में सदर अस्पताल, चाईबासा ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सुनीता कुजूर तीन मासूम बच्चों की मां थी। तीन साल पहले ही उसके पति की बीमारी से मौत हो चुकी थी। पति की मौत के बाद सुनीता शादी-ब्याह जैसे मौकों पर काम कर किसी तरह बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। उसकी एक बेटी करीब 12-13 साल की है, जबकि दो बेटे सात-आठ और पांच-छह साल के हैं। मां की अचानक मौत ने इन मासूमों को पूरी तरह अनाथ कर दिया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुनीता मेहनती और मिलनसार महिला थी, जो हमेशा अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करती थी। घटना से पूरा इलाका गमगीन है।मुखिया लालू कुजूर ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण मदद के लिए आगे आए, लेकिन महिला को बचाया नहीं जा सका। पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों और समाजसेवियों ने प्रशासन से मांग की है कि परिवार को तुरंत आर्थिक मदद मिले, बच्चों की पढ़ाई और भरण-पोषण के लिए सरकारी सहायता सुनिश्चित की जाए, ताकि इन मासूमों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

