Araia News:- अररिया जिले से एक माह पहले गायब हुए नवजात शिशु को पुलिस ने दिल्ली ले जाने के क्रम में सकुशल बरामद कर लिया। यह बच्चा एक निजी नर्सिंग होम से गायब हुआ था, जिसे वहां की नर्स और संचालक ने मानव तस्करी के उद्देश्य से बेचने की साजिश रची थी। पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नर्सिंग होम संचालक एहतेशाम की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, 25 सितंबर 2025 को मो. सरफराज आलम ने अपनी पत्नी रूबी खातून को प्रसव पीड़ा के कारण अररिया सदर अस्पताल में भर्ती कराया था। प्रसव के बाद जब रूबी अचेतावस्था में थीं, तो गांव की दाई साजरा खातून ने नवजात की हालत गंभीर बताते हुए उसे अस्पताल के बगल में स्थित एहतेशाम के नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया। तीन दिन बाद नर्सिंग होम संचालक ने बहाने बनाते हुए कभी पूर्णिया तो कभी दिल्ली भेजने की बात कही, लेकिन बच्चे को परिजनों को नहीं सौंपा।
थककर, पिता मो. सरफराज ने 13 अक्टूबर को नगर थाना में आवेदन देकर बच्चे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अंजनी कुमार ने एसडीपीओ सुशील कुमार और थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया।
तकनीकी जांच के बाद यह मामला मानव व्यापार (Human Trafficking) से जुड़ा पाया गया। टीम ने पहले नर्स तबस्सुम और उसकी ननद रूही को गिरफ्तार किया। फिर, 25 अक्टूबर को पुलिस ने पूर्णिया से दिल्ली जा रही बस को करियात कैंप के पास रोका और आरोपी महिला मुन्नी खातून (पति गुल मोहम्मद) के पास से नवजात को बरामद किया।
बरामद शिशु को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद विधि अनुसार उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। अपने बच्चे को पाकर सरफराज और रूबी भावुक हो उठे और अररिया पुलिस के प्रति आभार जताया।
एसपी अंजनी कुमार ने बताया कि यह मामला संगठित मानव तस्करी गिरोह से जुड़ा है। नर्सिंग होम संचालक एहतेशाम की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपक वर्मा रिंकू ने कहा कि दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए विशेष ट्रायल चलाया जाएगा।

