बिहार में अब दूसरे राज्यों से बालू, गिट्टी या पत्थर लाना महंगा होगा, बाहरी राज्यों से आने वाले लघु खनिजों पर ट्रांजिट पास (TP) अनिवार्य
Patna News: बिहार सरकार ने राज्य में लघु खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने और राजस्व में बढ़ोतरी के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लिया है। अब उत्तर प्रदेश, झारखंड सहित अन्य राज्यों से बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले बालू, पत्थर, गिट्टी, मोरम और स्टोन डस्ट से लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट पास (TP) लेना अनिवार्य कर दिया गया है। खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा जारी इस आदेश के बाद बिना वैध ट्रांजिट पास के कोई भी खनिज लदा वाहन राज्य की सड़कों पर नहीं चल सकेगा।
यह निर्णय राज्य के उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा की पहल और विभागीय समीक्षा के बाद लिया गया है। विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से खनिजों के परिवहन में पारदर्शिता आएगी और पूरी प्रक्रिया वैधानिक तरीके से संचालित होगी। साथ ही इससे राज्य सरकार को मिलने वाले राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। बिहार खनिज नियमावली, 2019 के नियम 41 के तहत इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया गया है।
सरकार ने ट्रांजिट पास के लिए शुल्क भी निर्धारित कर दिया है। जिन राज्यों के चालान में खनिज का वजन दर्ज होगा, वहां ₹60 प्रति मीट्रिक टन की दर से शुल्क देना होगा। वहीं जिन चालानों में खनिज का आयतन (वॉल्यूम) दर्ज होगा, उनके लिए ₹85 प्रति घनमीटर के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। यह शुल्क बिहार की सीमा में प्रवेश करते समय ही देना होगा।
अवैध ढुलाई पर अंकुश लगाने के लिए सरकार तकनीक का सहारा भी ले रही है। राज्य की सीमाओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से वाहनों की निगरानी की जाएगी। इससे एक ही चालान के आधार पर बार-बार खनिज ढुलाई करने जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगेगी।
सरकार ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस प्रशासन को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि इस व्यवस्था को कड़ाई से लागू किया जाए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, बिहार में चल रहे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण पड़ोसी राज्यों से भारी मात्रा में खनिजों का आयात होता है। ऐसे में यह नई व्यवस्था न केवल अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाएगी, बल्कि खनिजों के वैध स्रोत की पुष्टि करते हुए राज्य के राजस्व को भी मजबूत करेगी।

