Betiya News:- बिहार के बेतिया जीएमसीएच (सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल) में शनिवार सुबह एक मरीज की मौत के बाद हंगामा मच गया। मृतक की पहचान बानूछापर देवनगर निवासी प्रांजय तिवारी के रूप में हुई है। इलाज के दौरान उनकी मौत होने पर आक्रोशित परिजनों ने नर्सिंग ऑफिसर और चिकित्सकों पर हमला कर दिया। इसके बाद अस्पताल कर्मियों ने भी प्रतिकार करते हुए परिजनों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
घटना सुबह आठ बजे के करीब हुई, जिसके बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हंगामे के चलते दोपहर एक बजे तक इमरजेंसी और अन्य चिकित्सीय सेवाएं बाधित रहीं। मौके पर जीएमसीएच प्रशासन और नगर पुलिस की टीम पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद स्थिति को काबू में किया गया।
अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. दीवाकांत मिश्रा ने बताया कि मृतक प्रांजय तिवारी, मूल रूप से वाल्मीकिनगर के लक्ष्मीपुर निवासी स्व. नृपेन्द्र तिवारी के पुत्र थे। उन्हें देर रात गंभीर हालत में जीएमसीएच लाया गया था। परिजन पिछले पांच दिनों से प्रांजय का इलाज एक प्राइवेट डॉक्टर के यहां करा रहे थे। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद आवश्यक दवाएं दीं, लेकिन सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि डॉक्टरों ने प्रांजय को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रीससिटेशन) देकर बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने गुस्से में अस्पताल कर्मियों पर हमला कर दिया और एक महिला नर्स का मोबाइल फोन भी छीन लिया।
स्थिति नियंत्रण में आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। बाद में मृतक के रिश्तेदारों ने लिखित माफीनामा देकर शव को अपने हवाले लिया। परिजनों ने स्वीकार किया कि चिकित्सक या कर्मियों की कोई लापरवाही नहीं थी और उन्होंने आक्रोश में आकर यह कदम उठाया।
घटना के बाद अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

