डीजे विवाद पर सदन में तीखी बहस, मंत्री बोले—धर्म से नहीं, नियम से जुड़ा मामला
Ranchi News: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन बुधवार को रामनवमी के दौरान डीजे बजाने पर लगे प्रतिबंध का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठाया गया। इस मुद्दे को भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने उठाते हुए सरकार से सवाल किया कि हजारीबाग में रामनवमी के अवसर पर डीजे बजाने पर रोक क्यों लगाई गई।
नवीन जायसवाल के समर्थन में भाजपा के कई विधायक अपनी सीटों से खड़े हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते सदन का माहौल गरमा गया। हंगामे के बीच कुछ भाजपा विधायक तख्तियां लेकर विधानसभा के वेल में पहुंच गए। तख्तियों पर कोयला, बालू और जमीन की लूट बंद करने की मांग लिखी हुई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मार्शलों को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने विधायकों के हाथों से तख्तियां ले लीं।
इसी दौरान कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप भी शोर-शराबे के बीच वेल में पहुंच गए। वहीं विधायक प्रदीप यादव ने अपनी बात पूरी नहीं होने पर नाराजगी जताई, जिसके बाद भाजपा विधायक एक बार फिर वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। कुछ देर तक सदन में हंगामा चलता रहा।
बाद में संसदीय कार्य मंत्री के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई और विधायक अपनी सीटों पर लौट आए। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है।
डीजे विवाद पर संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया कि डीजे बजाने का मामला किसी धर्म से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार रात 10 बजे के बाद किसी भी स्थिति में डीजे नहीं बजाया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि देश में हिंदू नहीं बल्कि हिंदुस्तानी सुरक्षित हैं और किसी को भी भ्रम फैलाने की जरूरत नहीं है।
इधर लिट्टीपाड़ा के विधायक हेमलाल मुर्मू ने सदन में अबुआ आवास योजना को लेकर सरकार से सवाल किया। इस पर जवाब देते हुए मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने बताया कि सरकार गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बजट में इसके लिए लगभग 4400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे करीब छह लाख आवास पूरे किए जाएंगे और नए घरों को भी स्वीकृति दी जाएगी।
रामनवमी पर डीजे प्रतिबंध से हजारीबाग विधायक ने जताई नाराजगी, सदन के बाहर बैठे धरने पर
हजारीबाग में रामनवमी पर डीजे बजाने की अनुमति नहीं दिए जाने को लेकर भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने बुधवार को कड़ी नाराजगी जताई है। विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे विधायक ने राज्य सरकार पर हिंदुओं के पर्वों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है।
भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग की रामनवमी पूरे राज्य में अपनी भव्यता और परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे में डीजे बजाने पर रोक लगाना लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने मांग की कि हजारीबाग के ख्याति प्राप्त इंटरनेशनल श्री चैत रामनवमी को राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया जाए और जुलूसों में डीजे बजाने की अनुमति दी जाए।
विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं करता है, तब भी हजारीबाग में हर हाल में रामनवमी के अवसर पर डीजे बजाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जनता की धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि गत मंगलवार को हजारीबाग जिले में मंगला जुलूस के दौरान डीजे के प्रयोग की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक डीजे को जब्त कर लिया था।
वहीं, जिला प्रशासन ने सभी आयोजनकर्ताओं एवं आमजन से अपील की है कि पर्व-त्योहारों के दौरान डीजे का प्रयोग न करें तथा न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन का सहयोग करें, ताकि सभी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकें।
पर्व-त्योहारों के दौरान उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार किसी भी प्रकार के डीजे के प्रयोग पर सख्त मनाही है।

