राजदेव रंजन केस में पत्नी ने दी अपील करने की चेतावनी
Patna News: बिहार के सीवान में 9 साल पहले हुये पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में सीबीआई की विशेष अदालत ने शनिवार को फैसला सुना दिया। अदालत ने तीन आरोपियों को बरी कर दिया है, जबकि तीन अन्य को दोषी करार दिया है।
सीबीआई की विशेष अदालत ने जहरुद्दीन बेग ऊर्फ लड्डन मियां, राजेश कुमार और रिशु कुमार जायसवाल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है, जबकि मामले के अभियुक्त विजय कुमार गुप्ता, सोनू कुमार गुप्ता और रोहित कुमार सोनी को राजदेव रंजन की हत्या का दोषी करार दिया है।तीनों दोषियों को 10 सितम्बर को सजा सुनाई जाएगी
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-3 नमिता सिंह की विशेष सीबीआई अदालत ने शनिवार का फैसला सुनाया। बचाव पक्ष के वकील शरद सिन्हा ने बताया कि अदालत ने लड्डन मियां, राजेश कुमार और रिशु कुमार जायसवाल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है, जबकि विजय कुमार गुप्ता, सोनू कुमार गुप्ता और रोहित कुमार सोनी को राजदेव रंजन की हत्या का दोषी करार दिया है।
सीबीआई के अधिवक्ता राकेश दुबे ने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। वहीं, राजदेव रंजन की पत्नी आशा यादव ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “रिशु बाइक चला रहा था और दूसरा शूट कर रहा था, तो उसे कैसे बरी कर दिया गया? मैं इस फैसले के खिलाफ अपर कोर्ट में जाऊंगी।”
गौरतलब हो कि 13 मई 2016 को सीवान में दैनिक अखबार के ब्यूरो चीफ राजदेव रंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना उस समय हुई जब वे कार्यालय का काम खत्म कर किसी रिश्तेदार को देखने अस्पताल गए थे और लौटते वक्त बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। दो गोलियां लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।
इस मामले में सीवान के कुख्यात पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन का नाम भी सामने आया था, जिनकी कोरोना काल में मौत हो चुकी है। केस में कुल छह वयस्क आरोपितों के अलावा एक किशोर भी शामिल था, जिसकी सुनवाई विशेष बाल न्यायालय में चल रही है।
करीब नौ साल तक चले इस मुकदमे में सीबीआई ने 69 गवाहों के बयान और 111 भौतिक साक्ष्य पेश किए। लंबे ट्रायल के बाद अब तीन दोषियों को सजा का इंतजार है, जो 10 सितम्बर को सुनाई जाएगी।

