Chatra News:- जिले में मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने के लिए शुरू की गई अहम योजना एएनएम कॉलेज एंड हॉस्टल का निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। भवन निर्माण का जिम्मा लेने वाला संवेदक दो करोड़ रुपए का भुगतान लेकर फरार हो गया, जिसके बाद से काम पूरी तरह बंद पड़ा है।टेलीफोन एक्सचेंज रोड, भवन प्रमंडल कार्यालय के बगल में स्थित अर्धनिर्मित कॉलेज अब जंगल और झाड़ियों में छिपता जा रहा है।
हेल्थ मेडिकल एजुकेशन एंड फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट द्वारा 30 सितंबर 2019 को इस योजना की शुरुआत की गई थी।गिरिडीह की एमएस राजू शर्मा कंस्ट्रक्शन कंपनी को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी।
कंपनी ने सितंबर–अक्टूबर 2024 तक काम किया, लेकिन दो करोड़ रुपए लेने के बाद अचानक काम छोड़कर गायब हो गई।
8 करोड़ 44 लाख रुपए की थी योजना, 3.44 करोड़ की पहली किश्त जारी
एएनएम कॉलेज सह हॉस्टल का कुल प्राक्कलन₹8 करोड़ 44 लाख है।
पहले फेज में विभाग ने ₹3 करोड़ 44 लाख 76 हजार की राशि जारी की थी।
इसमें से कंस्ट्रक्शन कंपनी ने दो करोड़ रुपए निकाल लिए, बाकी राशि विभाग के पास पड़ी है।
5 एकड़ में बन रहा था कॉलेज, 100 बेड का हॉस्टल भी अधूरा
इस कॉलेज में—प्रशासनिक भवन ,100 बेड का हॉस्टल, क्लासरूम
लैब, स्टाफ रूम का निर्माण होना था, लेकिन सब कुछ आधा-अधूरा ही छोड़ दिया गया है।
चतरा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में स्टाफ की भारी कमी है। यदि यह कॉलेज शुरू हो जाता, तो—स्थानीय युवाओं को मेडिकल ट्रेनिंग की सुविधा मिलती, एएनएम–जीएनएम की शिक्षा यहीं उपलब्ध हो जाती, जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत होती, लेकिन निर्माण अधूरा होने से पूरी योजना ठप हो गई है।
भवन निगम लिमिटेड के सहायक अभियंता विजय कुमार के अनुसार—कंपनी ने बिना सूचना दिए काम छोड़ दिया। विभाग ने एग्रीमेंट रद्द कर कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया। बचा हुआ काम पूरा कराने के लिए नया डीपीआर तैयार किया जा रहा है

