Ayodhya News:- चंद्र ग्रहण के कारण रविवार को रामनगरी अयोध्या के सभी प्रमुख मठ-मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। प्रभु श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में दोपहर की आरती के बाद कपाट बंद कर दिए गए। अब सोमवार प्रातः चंद्र ग्रहण समाप्त होने के उपरांत कपाट खोले जाएंगे और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था शुरू की जाएगी। यह जानकारी श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा दी गई।
इस वर्ष का अंतिम पूर्ण चंद्र ग्रहण रविवार की रात लग रहा है, जिसे भारत सहित विश्व के कई देशों में देखा जा सकेगा। ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण विशेष महत्व रखता है। पंचांग के अनुसार ग्रहण का प्रारंभ रात 9 बजकर 58 मिनट पर होगा, जबकि इसका मध्यकाल रात 11 बजकर 41 मिनट पर रहेगा। ग्रहण का समापन सोमवार तड़के 1 बजकर 27 मिनट पर होगा। कुल मिलाकर यह ग्रहण लगभग 3 घंटे 28 मिनट तक चलेगा।
ग्रहण के प्रभाव के चलते सूतक काल दोपहर 12 बजकर 58 मिनट से ही प्रारंभ हो गया था। हिंदू परंपरा के अनुसार सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य, धार्मिक आयोजन, यात्रा या भोजन बनाना वर्जित माना जाता है। इसी कारण अयोध्या के सभी मंदिरों में पूजा-पाठ रोक दिए गए और कपाट बंद कर दिए गए।
धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण काल में मंदिरों के कपाट बंद रखना आवश्यक होता है, क्योंकि इसे अशुभ समय माना जाता है। हालांकि ग्रहण समाप्त होते ही प्रातःकाल मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे और विशेष पूजा-अर्चना कर वातावरण को शुद्ध किया जाएगा। उसके बाद भक्तजन भगवान श्रीराम और हनुमानजी के दर्शन कर सकेंगे।
अयोध्या के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में भी मंदिरों में यही परंपरा अपनाई जा रही है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सूतक काल और ग्रहण की अवधि में धार्मिक नियमों का पालन करें और ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान-दान तथा पूजा-अर्चना करें।

