Araia News:- अररिया जिले में न्यायालय ने 10 साल की मासूम बेटी की क्रूरतापूर्ण हत्या करने वाली मां पूनम देवी को फांसी की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ, रवि कुमार की अदालत ने इसे गंभीर और जघन्य अपराध मानते हुए 302 भारतीय दंड संहिता (भादवि) के तहत मृत्युदंड का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि यह अपराध न केवल बच्ची के लिए बल्कि माता शब्द को कलंकित करने वाला है।
अदालत ने इसके अलावा पूनम देवी को 328 आईपीसी के तहत सात साल का सश्रम कारावास और 50,000 रुपये जुर्माना, तथा 201 भादवि के तहत पांच साल का सश्रम कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई। अदालत ने जुर्माना अदायगी में विफलता होने पर अतिरिक्त 18 माह की सजा का प्रावधान रखा। यह सजा सत्र मामला संख्या 582/23, नरपतगंज थाना केस संख्या 380/23 (दिनांक 11 जुलाई 2023) से संबंधित है।
मामला 10 जुलाई 2023 की है। पूनम देवी अपने पति चंदन सिंह से अलग रहते हुए 10 साल की बेटी शिवानी कुमारी के साथ रामघाट कोशिकापुर वार्ड संख्या 5 में रहती थी। पति पंजाब में मजदूरी कर रहे थे। इस दौरान पूनम देवी का अवैध संबंध रूपेश कुमार सिंह से था। बेटी ने इस संबंध का भंडाफोड़ होने का डर जताते हुए बात पिता को बताने की धमकी दी, जिससे पूनम और रूपेश ने मिलकर हत्या की योजना बनाई।
हत्या के दिन पूनम देवी ने हटिया से मछली और कीटनाशक दवा लाकर मछली में मिलाई और शिवानी को खिलाई। मछली खाने के बाद बच्ची बेहोश हो गई। इसके बाद पूनम ने सब्जी वाले चाकू से शिवानी के गला और पेट में प्रहार कर हत्या कर दी। शव को मकई के ढेर में छिपा दिया गया और अपहरण का नाटक रचा। बाद में पुलिस ने मकई के ढेर से शव और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रभा कुमारी ने दोषी मां के लिए कड़ी सजा की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने कम से कम सजा की दलील दी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय ने फांसी की सजा का आदेश दिया।
