Purnia News:- बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शनिवार की देर रात करीब 10 से 11 बजे के बीच अचानक पूर्णिया सदर अस्पताल एवं जीएमसीएच पहुंचे। उनके इस दौरे से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। तेजस्वी यादव ने पुराने अस्पताल परिसर के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और मरीजों से सीधे बातचीत की। इस दौरान एक मरीज ने शिकायत की कि पैर टूटने के बावजूद उसे आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। मरीज का कहना था कि इलाज केवल तब हो सकेगा जब अस्पताल में जरूरी सामान आएगा। महिला वार्ड में भी तेजस्वी ने मरीजों का हालचाल पूछा और उनकी समस्याएं सुनीं।
निरीक्षण के दौरान तेजस्वी यादव अस्पताल के बाथरूम में भी पहुंचे। वहां टूटी खिड़कियाँ, गंदगी और अव्यवस्था देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मरीजों को पुराने भवन और बरामदे में क्यों रखा गया है।
इस पर जीएमसीएच के सुपरिंटेंडेंट संजय कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि नई जीएमसीएच बिल्डिंग अभी तक हैंडओवर नहीं हुई है, इसलिए फिलहाल मरीजों को अस्थायी रूप से पुराने भवन में रखा गया है।
तेजस्वी यादव का यह अचानक दौरा उस समय हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 सितंबर को पूर्णिया आने वाले हैं। पीएम के आगमन से ठीक पहले हुए इस निरीक्षण को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि तेजस्वी ने इस मौके पर स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को उजागर कर सरकार को घेरने की कोशिश की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर नेता लगातार ऐसे अचानक निरीक्षण करें तो अस्पताल प्रशासन अपनी जिम्मेदारी को और गंभीरता से निभाएगा। वहीं राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि तेजस्वी का यह दौरा आने वाले दिनों में बड़ा मुद्दा बन सकता है।

