इंडस टावर साइट से चोरी हुए थे फाइबर कार्ड, बिहार-यूपी समेत कई राज्यों में गिरोह के नेटवर्क की जांच
Supaul News: जिले की पिपरा थाना पुलिस ने करीब 5.88 करोड़ रुपये मूल्य के टेलीकॉम उपकरण चोरी मामले का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के कथित सरगना को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल किए गए चारपहिया वाहन को भी जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के भागदेवा निवासी ध्रुव द्विवेदी के रूप में हुई है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 13 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिले में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और चोरी गए उपकरणों की बरामदगी में जुटी है।
एक अक्टूबर को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामले की शुरुआत एक अक्टूबर 2026 को हुई, जब Peregrine Guarding Pvt. Ltd. के सीनियर ऑपरेशन मैनेजर ने पिपरा थाना क्षेत्र स्थित इंडस टावर साइट से टेलीकॉम उपकरण चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में चोरी गए फाइबर कार्ड की अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ 88 लाख रुपये बताई गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सुपौल के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई। इसमें पिपरा थाना के पुलिस पदाधिकारियों के साथ तकनीकी टीम को भी शामिल किया गया। टीम ने घटनास्थल से मिले तथ्यों, तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की।
जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस टीम उत्तर प्रदेश पहुंची और लखनऊ में छापेमारी कर ध्रुव द्विवेदी को गिरफ्तार कर लिया।
कई राज्यों में चोरी के मामलों से जुड़े तार
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपित ने बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में चोरी की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की है। उसके आपराधिक इतिहास की जांच में प्रयागराज, हरदोई, जालौन, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, सीतापुर, महोबा और अंबेडकर नगर समेत कई जिलों में चोरी और अन्य अपराधों से संबंधित मामले सामने आए हैं।
पुलिस को आशंका है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है। जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि चोरी किए गए उपकरण विदेशों में बेचे जाते थे। पुलिस इस कथित बिक्री नेटवर्क और उपकरणों के खरीदारों का पता लगाने में जुटी है।
अन्य आरोपितों की तलाश जारी
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल वाहन जब्त कर लिया है। अब गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका, चोरी गए फाइबर कार्ड की बरामदगी और उपकरणों की खरीद-बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में संलिप्त अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


