Patna News:- बिहार के सारण जिले में गंगा और गंडक के संगम तट पर स्थित विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला रविवार से शुरू हो गया है। आस्था, संस्कृति, परंपरा और आधुनिकता का संगम कहलाने वाला यह मेला देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का केंद्र बन गया है। इस बार मेला 9 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलेगा।
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाला सोनपुर मेला धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पवित्र भूमि पर भगवान विष्णु ने हरि और हर (शिव) का रूप धारण कर गज (हाथी) की रक्षा की थी। इसी कारण इस क्षेत्र को हरिहर क्षेत्र कहा जाता है। हरिहरनाथ मंदिर यहां का प्रमुख आकर्षण है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
इतिहासकारों के अनुसार, सोनपुर मेला मौर्य काल से आयोजित होता आ रहा है और ब्रिटिश काल तक यह एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला रहा है। हालांकि अब पशु व्यापार पर रोक लगने के बाद इसका स्वरूप धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के रूप में विकसित हो चुका है।
मेले में बिहार की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। लोकगीत, नृत्य, नाटक और शास्त्रीय प्रस्तुतियों से वातावरण सराबोर रहता है। हस्तशिल्प और ग्रामीण उत्पादों के स्टॉल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहे हैं।
इस वर्ष मेला डिजिटल और पर्यटक-अनुकूल स्वरूप में नजर आ रहा है। ई-टिकटिंग, ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी कैमरे, फ्री वाई-फाई, कंट्रोल रूम और आधुनिक स्वच्छता सुविधाएं इसकी नई पहचान बन गई हैं।
जिलाधिकारी अमन समीर और पुलिस अधीक्षक डॉ. कुमार आशीष के नेतृत्व में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला न केवल बिहार की आस्था और परंपरा का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की विविधता और जीवंतता का उत्सव भी है — जहां हर साल परंपरा की खुशबू और आधुनिकता की चमक एक साथ देखने को मिलती है।

