Seraikela News:– सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवनारायणपुर जंगल में हुए सिक्योरिटी गार्ड संदीप महतो हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। मामले में संलिप्त तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) समीर कुमार सवैया ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
एसडीपीओ ने बताया कि गम्हरिया निवासी सुखलाल महतो का पुत्र संदीप महतो 24 दिसंबर 2025 को रोज की तरह ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। अगले दिन 25 दिसंबर को आदित्यपुर थाना क्षेत्र के शिवनारायणपुर जंगल में झाड़ियों के बीच संदीप महतो का शव बरामद किया गया। पहचान छुपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में छिपाया गया था।
इस मामले में आदित्यपुर थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ सरायकेला के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और मैनुअल इनपुट के आधार पर लगातार छापेमारी की। सघन अनुसंधान के बाद पुलिस ने शिवनारायणपुर निवासी विकास चंद्र महतो, गोरांगो कालिंदी तथा गम्हरिया निवासी संदीप प्रमाणिक उर्फ फटिक को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपित विकास चंद्र महतो को मृतक संदीप महतो पर अपनी पत्नी के साथ अवैध संबंध होने का संदेह था। इसी शक और आपसी रंजिश के कारण उसने हत्या की साजिश रची और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर संदीप महतो की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में फेंक दिया गया और मृतक के कुछ दस्तावेजों को जला दिया गया।
पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर कई अहम साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनमें हत्या में प्रयुक्त चाकू, गैंता और कुदाल, घटना में इस्तेमाल किया गया सीएनजी ऑटो, मृतक की मोटरसाइकिल, अधजला आधार कार्ड व पासबुक तथा दो मोबाइल फोन शामिल हैं।
पुलिस का दावा है कि बरामद साक्ष्यों और आरोपितों की स्वीकारोक्ति के आधार पर हत्याकांड का पूरी तरह से उद्भेदन कर लिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

