Bihar Kidnapping Case : 6 फरवरी को पश्चिम बंगाल के लिलुआ निवासी स्क्रैप कारोबारी धर्मेंद्र कुमार महतो (37) को पैसे के लेन-देन के बहाने जमुई के बख्तियारपुर बुलाया गया था. कारोबारी को भरोसे में लेकर बुलाने के बाद पहले से घात लगाए अपराधियों ने उनका अपहरण कर लिया. अपहरण के बाद उन्हें लगातार नशे की दवा दी जाती रही, जिससे वह बेहोशी की हालत में रहे और किसी से संपर्क न कर सकें.
नशे की हालत में बिहार-झारखंड घुमाते रहे अपराधी
जमुई एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि अपराधी सफेद रंग की स्कार्पियो गाड़ी में कारोबारी को बैठाकर बिहार और झारखंड के अलग-अलग इलाकों में घूमते रहे. कभी बख्तियारपुर, कभी मोकामा, तो कभी देवघर और जमुई के आसपास के क्षेत्रों में ले जाया गया. इस दौरान अपराधी कारोबारी से पैसे की उगाही की योजना बना रहे थे और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे.
गुप्त सूचना से पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
6 फरवरी को लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति का अपहरण कर अपराधी किसी बड़ी घटना की तैयारी कर रहे हैं. सूचना मिलते ही जमुई एसपी विश्वजीत दयाल के निर्देश पर लक्ष्मीपुर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और अपहृत कारोबारी को सकुशल बरामद कर लिया.
दो आरोपी गिरफ्तार, स्कार्पियो और नशीली दवा बरामद
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार अपराधियों की पहचान नीतीश कुमार उर्फ बिट्टू, पिता चंद्रभूषण सिंह, ग्राम पेंधी थाना वरहट जिला जमुई और सोनू कुमार तांती उर्फ रेड्डी, पिता स्व. सुनील तांती, ग्राम दाबिल थाना खैरा जिला जमुई के रूप में हुई है. पुलिस ने अपहरण में प्रयुक्त सफेद स्कार्पियो गाड़ी और नशे की दवाइयां भी बरामद की हैं.
Read More : गिरिडीह में पुलिस-CRPF ऑपरेशन सफल, बंकर से 11 राइफल और ग्रेनेड बरामद
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है. वहीं इस कांड में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
