Patna News:- बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार को 10 बागी नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया। यह कार्रवाई राजद की ओर से पिछले तीन दिनों में दूसरी बड़ी अनुशासनात्मक पहल है।
गौरतलब है कि इससे पहले 27 अक्टूबर को राजद ने 27 नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में निष्कासित किया था। बुधवार को जारी दूसरी सूची में उन 10 नेताओं के नाम शामिल हैं, जिन पर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ प्रचार करने का आरोप लगा था।
राजद नेतृत्व ने बताया कि इन नेताओं को छह वर्षों के लिए पार्टी से बाहर किया गया है। पार्टी ने इसे अनुशासन और संगठनात्मक एकता बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।
निष्कासित नेताओं में कई वरिष्ठ और प्रभावशाली चेहरे शामिल हैं, जिनमें विधायक, पूर्व विधायक और संगठन के प्रदेश पदाधिकारी भी हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, लगातार चेतावनी के बावजूद ये नेता चुनाव में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे थे।
निष्कासित नेताओं की सूची इस प्रकार है:
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फतेह बहादुर सिंह, विधायक, डेहरी
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सतीश कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष, राजद, नालंदा
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मो. सैययद नौसादुल नवी उर्फ पप्पू खां, बिहार शरीफ
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मो. गुलाम जिलानी वारसी, पूर्व विधायक, कांटी
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मो. रियाजुल हक राजू, पूर्व विधायक, गोपालगंज
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अमोद कुमार मंडल, प्रदेश महासचिव, राजद, पूर्णिया
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वीरेंद्र कुमार शर्मा, क्रियाशील सदस्य, सिंहेश्वर
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ई. प्रणव प्रकाश, क्रियाशील सदस्य, मधेपुरा
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जिप्सा आनंद, प्रदेश महासचिव, महिला प्रकोष्ठ सह जिला परिषद सदस्य, भोजपुर
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राजीव रंजन उर्फ पिंकू, राजद नेता, क्रियाशील सदस्य, भोजपुर
राजद के इस एक्शन के बाद बिहार की सियासी हलचल और तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

