Khunti news: राजधानी रांची के नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 को लेकर चल रहे जमीन विवाद में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन खुलकर किसानों के समर्थन में आ गये हैं। रिम्स-2 के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री सोरेन अपने समर्थकों के साथ किसानों की जमीन बचाने के लिए 24 अगस्त को नगड़ी में हल चलायेंगे। हल चलाने का कार्यक्रम उसी जमीन पर होगा, जहां रिम्स-2 बनाने का प्रस्ताव है। इसी सिलसिले में पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन शुक्रवार को खूंटी के हुटार पहुंचे थे, जहां उन्होंने पड़हा राजा सोमा मुंडा के घर जाकर नगड़ी में जमीन बचाने को लेकर उनसे बातचीत की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उन्होंने समर्थकों के साथ आंदोलन में भाग लेने का अनुरोध किया।
पूर्व सीएम के इस आमंत्रण को स्वीकार करते हुए पड़हा राजा सोमा मुंडा ने उन्हें आश्वस्त किया कि खूंटी जिले से इस जमीन बचाओ आंदोलन में उनके समर्थन में लगभग दस हजार से अधिक लोग नगड़ी पहुंचेंगे। सोमा मुंडा से मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन खूंटी पहुंचे, जहां भाजपा के नेता और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व सीएम ने कहा कि नगड़ी में बनने वाले रिम्स-2 को खूंटी में बनाया जाय, क्योंकि यहां नॉलेज सिटी के लिए जमीन अधिग्रहण किया गया था, लेकिन नॉलेज सिटी नहीं बन सका। वह जमीन अब भी खाली पड़ी है इसलिए इसी जमीन पर रिम्स-2 बनना चाहिए।
चंपाई सोरेन ने नगड़ी में बनने वाली रिम्स-2 के लिए चिन्हित जमीन पर खेती करने की घोषणा को सही बताया। उन्होंने कहा कि उनका विरोध इसलिए है, क्योंकि सरकार ने गलत तरीके से नियम को ताक पर रखकर नगड़ी के आदिवासी और मूलवासियों की जमीन पर बाउंड्री की है। यह भूमि अधिग्रहण कानून-2013 के नियमों का उल्लंघन है। ऐसे में उनका विरोध आदिवासी और मूलवासी के खेती योग्य और उपजाऊ जमीन बचाने की है। उन्होंने कहा की राजधानी रांची में ही कई जगहों पर सरकारी जमीन खाली पड़ी हुई है। वहां पर सरकार रिम्स-2 क्यों नहीं बनवाती, यह एक बड़ा सवाल है।
झारखंड में भी को एसआईआर : चंपाई सोरेन
चंपाई सोरेन ने राज्य में जल्द विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने की मांग भारत निर्वाचन आयोग से की है। उन्होंने सूर्या हांसदा एनकाउंटर को लेकर भी सवाल खड़े किए। विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही में भाग लेने के बाद विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए चंपाई सोरेन ने कहा कि जिस तरह से राज्य में जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) में बदलाव आया है, उसके बाद बहुत जरूरी हो जाता है कि झारखंड में भी एसआईआर हो।
पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा की हत्या हुई है, सीबीआई जांच जरूरी है। राज्य में आदिवासी और मूलवासी के हितों की बात करने वाले, जल जंगल और जमीन को बचाने की लड़ाई लड़ने वाले राजनीतिक और आदिवासी नेता सूर्या हांसदा की हत्या पुलिस ने की है। फर्जी एनकाउंटर की अब सरकार लीपापोती करना चाहती है, जो वह नहीं होने देंगे। उन्होंने मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
सरकार में इच्छा शक्ति की कमी
खूंटी-सिमडेगा मुख्य सड़क पर बने बनई नदी के पुल के टूटने से लगभग ढाई महीने बीत जाने के बाद भी अब तक डायवर्सन तक नहीं बन पाया है। इस सवाल के जबाव में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की इच्छा शक्ति हीं नहीं है। इसके कारण ही लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।मौके पर भाजपा नेता अनूप कुमार साहू, मनोज कुमार, ज्योेतिष भगत, मुकेश जायसवाल, कृषानंद तिवारी, जय भाला सहित अनय मौजूद थे।

