Ranchi News : रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें सबसे बड़ी राहत निजी नर्सिंग कॉलेजों में नामांकित छात्र-छात्राओं को मिली है। सरकार के फैसले के बाद अब ये छात्र परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। नगर निकाय चुनाव के चलते आचार संहिता लागू होने के कारण इस संबंध में कोई आधिकारिक ब्रीफिंग नहीं की गई, लेकिन कैबिनेट विभाग से अहम जानकारी सामने आई है।
नियम शिथिल कर छात्रों को परीक्षा की अनुमति
जानकारी के अनुसार, राज्य के कई निजी नर्सिंग कॉलेजों में झारखंड संयुक्त प्रतियोगिता प्रवेश परीक्षा पर्षद की काउंसिलिंग के बिना ही नामांकन ले लिया गया था। कॉलेजों ने सीधे दाखिला दे दिया, जिससे छात्रों को झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी की ओर से परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिल रही थी। कई संस्थानों को तकनीकी मान्यता भी प्राप्त नहीं थी। अब राज्य सरकार ने नियमों को एक बार के लिए शिथिल करने का निर्णय लिया है, जिससे प्रभावित छात्र-छात्राएं परीक्षा दे सकेंगे और नर्सिंग की डिग्री प्राप्त कर सकेंगे।
नेतरहाट विद्यालय की नियुक्ति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति नियमावली में भी संशोधन किया है। अब प्राचार्य, उप प्राचार्य, शिक्षक और अन्य कर्मियों की नियुक्ति जेपीएससी या जेएसएससी के माध्यम से होगी। इससे पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। विद्यालय संचालन के लिए चार निकायों—एपेक्स बॉडी, जेनरल बॉडी, कार्यकारिणी समिति और विद्यालय प्रबंध समिति—का गठन पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है। सभापति एक्स नेतरहाटीयन होंगे, जिनके लिए योग्यता भी निर्धारित की गई है।
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अबुआ आवास प्रस्ताव पर पुनर्विचार के निर्देश
बैठक में चाईबासा क्षेत्र में अबुआ आवास निर्माण से जुड़ा प्रस्ताव भी पेश हुआ। इसमें एस्बेस्टस और शीट से निर्माण का सुझाव था। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव को स्थगित करते हुए ग्रामीण विकास विभाग को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नया प्रस्ताव लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खपड़ा, टाइल्स या स्थानीय स्तर पर उपलब्ध निर्माण सामग्री का उपयोग कर लोगों की जरूरतों के मुताबिक आवास निर्माण की प्रक्रिया तय की जाए।

