Patna News:- बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के भीतर मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर अब मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि चुनाव के बाद विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा, वहीं हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस पर अलग राय दी है।
मांझी ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि राजग को चुनाव से पहले ही अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा, “कभी किसी ने यह नहीं कहा कि मुख्यमंत्री कौन होगा, लेकिन यह तय था कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा। मेरा मानना है कि बिना दूल्हा की बाराती ठीक नहीं है।”
मांझी ने आगे कहा कि अगर गठबंधन ने पहले ही नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का फैसला किया है, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने में हिचक क्यों? उन्होंने कहा, “अगर हमने दूल्हा मान ही लिया है, तो सहबाला क्यों मानते हैं? नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री घोषित करके चुनाव लड़ना राजग के लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा।”
गौरतलब है कि हाल ही में बिहार दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा था कि राजग इस बार भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री का फैसला चुनाव परिणाम आने के बाद विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा।
बता दें कि बिहार में राजग के तहत इस बार भाजपा और जदयू को 101-101 सीटें, लोजपा (चिराग पासवान गुट) को 29 सीटें, और हम व रालोजपा (उपेंद्र कुशवाहा) को 6-6 सीटें मिली हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री पद पर पहले से ही सियासी चर्चा तेज है और मांझी के इस बयान ने राजग के भीतर बहस को और बढ़ा दिया है।

