New Delh i:- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बयान देते हुए स्पष्ट किया कि यह सैन्य कार्रवाई पूरी तरह भारत की सुरक्षा नीति और आत्मरक्षा के सिद्धांत पर आधारित थी। उन्होंने किसी भी तरह के अंतरराष्ट्रीय दबाव में कार्रवाई रोकने की बात को “निराधार और पूरी तरह गलत” करार दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर 6-7 मई 2025 की रात को शुरू हुआ और महज 22 मिनट में पूरा कर लिया गया। इसमें पाकिस्तान के भीतर स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर 100 से अधिक आतंकवादी, उनके प्रशिक्षक और ऑपरेटरों को ढेर कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए उस कायराना हमले के जवाब में किया गया, जिसमें 25 निर्दोष नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की जान गई थी। हमले में आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों को मार डाला था, जो मानवता के खिलाफ सबसे घृणित कृत्य था।
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के बाद तुरंत तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक स्वतंत्रता दी, जिसके बाद ऑपरेशन की योजना बनाई गई और उसे सटीकता के साथ अंजाम दिया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने ऑपरेशन के तुरंत बाद पाकिस्तान को हॉटलाइन पर सूचित किया कि यह एक सीमित कार्रवाई थी और इसका उद्देश्य विस्तारवादी नहीं था। इसके बावजूद 10 मई को पाकिस्तान ने मिसाइल, ड्रोन और रॉकेट के जरिए जवाबी हमला करने की कोशिश की, जिसे भारत की एस-400 और आकाश मिसाइल प्रणालियों ने नाकाम कर दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा, “भारतीय सेना ने एक बार फिर दिखाया कि हम आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कायम हैं।”

