Motihari News:- पूर्वी चंपारण जिले में साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका कनेक्शन पाकिस्तान से जुड़ा हुआ पाया गया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य फरार बताए जा रहे हैं।
गिरफ्तार युवकों की पहचान अमन कुमार (25 वर्ष), पिता चन्द्रेश्वर प्रसाद, निवासी खाप गोपालपुर, थाना केसरिया और विशाल कुमार, पिता मोहन दास, निवासी लाला छपरा, थाना केसरिया के रूप में हुई है। इनके पास से पुलिस ने 5 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, 3 एटीएम कार्ड, 3 पासबुक, 2 चेकबुक और मोबाइल के डब्बे बरामद किए हैं।
पुलिस को जांच में यह जानकारी मिली है कि गिरोह ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाता और सिम कार्ड खुलवाता था। इन खातों में देशभर से साइबर ठगी के जरिए मंगाए गए पैसे ट्रांसफर किए जाते थे। पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल से कई संदिग्ध पाकिस्तानी नंबरों पर हुई चैटिंग भी मिली है, जिससे इनके विदेशी कनेक्शन की पुष्टि होती है।
ग्रामीणों ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी कि मो. सदाम, विशाल कुमार दास, निखिल कुमार, अमन कुमार और स्थानीय साइबर कैफे संचालक रितेश कुमार मिलकर लोगों को योजना का लाभ दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद पोस्ट ऑफिस में उनके नाम पर खाते और सिम कार्ड खुलवाते और उन्हीं का इस्तेमाल साइबर ठगी में करते थे।
पुलिस ने पहले विशाल कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद चांदमारी स्थित एक लॉज में छापेमारी की गई। यहां से कई बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए। वहीं अमन कुमार के ठिकाने से मोबाइल, सिम और चेकबुक भी जब्त किए गए।
जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने केसरिया थाना क्षेत्र में सैकड़ों खातों का इस्तेमाल किया। इन खातों में हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, यूपी, दिल्ली और तेलंगाना जैसे राज्यों से ठगी की रकम आती थी। गिरोह फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर कस्टम या इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे मंगवाता था।
पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट 66C, 66D के तहत केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

