Jamshedpur News:– पूर्वी सिंहभूम जिले के मानगो थाना क्षेत्र के कोमाराम बस्ती में शनिवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में 26 वर्षीय महिला ममनी गोराई की मौत हो गई। ममनी एक अगस्त की सुबह काली मंदिर में पूजा कर रही थीं, तभी उनकी साड़ी जलते दीये की लौ से सुलग उठी और देखते ही देखते आग ने उन्हें पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही आग की लपटें फैलीं, ममनी चीखने लगीं। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और कपड़ों व पानी की मदद से आग बुझाने की कोशिश की। आग पर काबू पाने के बाद उन्हें तुरंत एमजीएम अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर का एक बड़ा हिस्सा गंभीर रूप से जल चुका था, जिससे उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी।
चार दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद शनिवार देर रात ममनी ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर सुनते ही परिजनों और पड़ोसियों में मातम पसर गया।
पति बबलू गोराई ने बताया कि घटना के समय वे घर पर मौजूद नहीं थे। “जैसे ही हादसे की सूचना मिली, मैं अस्पताल पहुंचा, लेकिन तब तक ममनी की हालत बहुत बिगड़ चुकी थी,” उन्होंने बताया। ममनी अपने पीछे दो मासूम बच्चों को छोड़ गई हैं, जो अब मां के स्नेह से वंचित हो गए हैं।
घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है। पड़ोसी और रिश्तेदार लगातार परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए पूजा स्थलों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है, खासकर जहां खुले दीयों का इस्तेमाल होता है।
पुलिस ने रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मानगो थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।
यह हादसा इस बात की दर्दनाक याद दिलाता है कि धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान जरा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। बरसों से चली आ रही परंपराओं को निभाते समय सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना न सिर्फ जरूरी है, बल्कि जीवन की रक्षा के लिए अनिवार्य भी है।

